आज का फैसला भारत की अदालत की तारीख का काला दिन है : ओवैसी

 

नई दिल्ली : बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट के निर्णय के बाद से लगातार सीबीआई कोर्ट के निर्णय की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लोग इस कोर्ट के निर्णय के प्रति नाराजगी भी जाहिर कर रहे है। आपको बता दें कि अब इसी नाराजगी को जाहिर करने वालो में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल है। इन्होंने कोर्ट के निर्णय के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए शायराना अंदाजा में ट्वीट किया।   

असदुद्दीन ने ट्वीट कर लिखा कि, ''वही कातिल वही मुनसिफ अदालत उसकी वो शाहिद, बहुत से फैसलों में अब तरफदारी भी होती है।'' आपको बता दें कि इस पंक्ति में कातिल का अर्थ कत्ल करने वाले, मुनसिफ का अर्थ जज, शाहिद का अर्थ गवाह और तरफदारी का अर्थ का पक्षपात से है।   

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ''सीबीआई कोर्ट का आज का फैसला भारत की अदालत की तारीख का काला दिन है। क्या जादू से मस्जिद को गायब कर दिया था, क्या जादू से मूर्तियां रखी गयीं थीं, क्या जादू से ताले खोले गए। सुप्रीम कोर्ट ने जो 9 नवंबर को फैसला दिया था, आज का फैसला उसके खिलाफ है। आप अंदाजा लगाइए आडवाणी की रथयात्रा जहां भी गयी वहां हिंसा हुई, लूटपाट हुई और लोगों के घर जला दिए गए।''

उन्होंने आगे कहा कि, ''क्या यह सच नहीं है कि उमा भारती ने कहा था कि एक धक्का और दो, बाबरी मस्जिद तोड़ दो। क्या जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई तब उमा भारती, आडवाणी मिठाई नहीं खा रहे थे।'' गौरतलब है कि सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 28 साल पुराने बाबरी विध्वंस मामले में 30 सितंबर को आज अपना फैसला सुनाया है। इसमें उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

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