चुनाव आयोग के फैसले पर कमलनाथ के बयान को लेकर भड़के शिवराज, कहा- लज्जा नहीं आती

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

मध्यप्रदेश में 28 सीटों के लिए होने जा रहे उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके विवादित बयान की वजह से स्टार प्रचारक के दर्जे से हटा दिया था। खुद के स्टार प्रचारक के दर्जे को खत्म करने के मामले पर कमलनाथ ने शनिवार को कहा कि मैं आयोग के फैसले पर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि मैं 10 नवंबर के बाद इस फैसले पर कहूंगा। वहीं कमलनाथ के आयोग पर दिए गए इस बयान पर शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा है कि आपको लज्जा नहीं आती।

कमलनाथ के बयान पर बोले शिवराज सिंह चौहान

कमलनाथ पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “ये उनकी हताशा का प्रतीक है लेकिन उनका अहंकार नहीं जा रहा है। उनकी नजरों में राहुल गांधी भी गलत हैं, चुनाव आयोग गलत है, तो सही कौन है? चुनाव आयोग ने भी किया तो बदले की भावना से किया? संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाते हुए आपको (कमलनाथ) लज्जा नहीं आती।”

क्या कहा था कमलनाथ ने...

कमलनाथ ने आयोग के फैसले पर कहा, “स्टार प्रचारक न तो कोई पद है और न ही कोई दर्जा। मैं चुनाव आयोग के फैसले पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, केवल 10 नवंबर के बाद टिप्पणी करूंगा। अंत में जनता सबसे ज्यादा मायने रखती है और वो सब कुछ जानती है।”

आपको बता दें कि विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान बार-बार आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने के कारण चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता कमलनाथ का ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा रद्द कर दिया था। आयोग ने अपने आदेश में ये कहा, “आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उन्हें (कमलनाथ को) जारी की गई सलाह की पूरी तरह से अवहेलना को लेकर आयोग मध्यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान उपचुनावों के लिए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का, राजनीतिक दल के नेता (स्टार प्रचारक) का दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त करता है।”

आयोग ने कहा कि कमलनाथ को स्टार प्रचारक के रूप में प्राधिकारियों द्वारा कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “हालांकि, अब से यदि कमलनाथ द्वारा कोई चुनाव प्रचार किया जाता है तो यात्रा, ठहरने और दौरे से संबंधित पूरा खर्च उस उम्मीदवार द्वारा वहन किया जाएगा जिसके निर्वाचन क्षेत्र में वह चुनाव प्रचार करेंगे।”

स्टार प्रचारक का खर्च राजनीतिक पार्टी उठाती है जबकि अन्य प्रचारकों का खर्च उम्मीदवार वहन करते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने इस मामले पर गंभीरता से विचार किया है और अप्रसन्नता के साथ महसूस किया कि एक राजनीतिक दल का नेता होने के बावजूद कमलनाथ बार-बार आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों तथा नैतिक और गरिमामय व्यवहार का उल्लंघन कर रहे हैं।

आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ उनकी टिप्पणी का उल्लेख किया। उन्होंने एक हालिया चुनावी कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ माफिया और मिलावट खोर शब्दों का इस्तेमाल किया था। आयोग ने पिछले हफ्ते कमलनाथ को चुनाव प्रचार में आइटम जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करने को कहा था।

उन्होंने एक रैली में मंत्री और भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी पर निशाना साधने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था। यह पहला मौका नहीं है, जब चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने पिछले दिल्ली चुनावों में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और स्थानीय सांसद प्रवेश वर्मा को स्टार प्रचारक की सूची से हटा दिया था।

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