प्रवासी मजदूरों को लेकर पीएम मोदी का बड़ा कदम, 116 जिलों को मिला ये सौगात

 

नई दिल्ली: कोरोना काल के दौरान दूसरे प्रदेश से आएं लोगों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद उन्होंने भी अपने कान पकड़ लिये। हालांकि इस दौरान पीएम मोदी ने दर-दर को भटकने को मजबूर हुए मजदूरों को स्वनिर्भर होने की बात कहीं। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने प्रवासी मजदूरों को सशक्त करने के लिए उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।

गुरुवार को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने कहा कि उसने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड के 116 जिलों की पहचान कर वहां के 3 लाख प्रवासी मजदूरों की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2016-2020 के तहत इसका उद्देश्य कोविड-19 युग के बाद केन्द्र की तरफ से प्रयोजित प्रशिक्षण से प्रवासी मजदूरों और ग्रामीण आबादी को सशक्त करना है।

आपको बता दें कि जिला मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर मंत्रालय इन जिलों में 125 दिनों का कौशल विकास कार्यक्रम चला रहा है, जो कुछ जिलों में पहले ही शुरू हो चुका है और आने वाले महीनों में धीरे-धीरे इसका दायरा अन्य हिस्सों में बढ़ता जाएगा।

बता दें कि PMKVY 2016-20 के तहत मौजूदा ट्रेनिंग देने वालों और प्रोजेक्ट लागू करने वाली एजेंसियों के जरिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। एक तरफ जहां शॉर्ट टाइम ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत डेढ लाख प्रवासी कामगारों को प्रशिक्षित किया जा रहा है तो वहीं अन्य डेढ लाख प्रवासी मजदूरों की पहचान की जा रही है। आपको बता दें कि इन जिलों में स्थानीय नौकरियों की मांग और वापसी करन वाले प्रवासियों को ट्रेनिंग देने का यह काम जिला प्रशासनों की तरफ से किया जा रहा है।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय ने कहा कि कौशल सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण विकास स्किल इंडिया मिशन का आधारभूत तत्व है, क्योंकि कुल काम करने वालों में 70 ग्रामीण भारत से आते हैं।

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