पीएम मोदी का देश की जनता से बड़ा आग्रह, कहा मर्यादा में रहें

 

नई दिल्ली : मन की बात कार्यक्रम के 70वें संस्करण में पीएम मोदी ने आज एक बार फिर देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान जहां उन्होंने लोकल फॉर वोकल की बात कहीं, वही लोगों से संयम और मर्यादा में भी रहने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि देश में अब फेस्टीवल उत्सव की शुरूआत हो चुंकी है, इसलिए आप उन वस्तुओं पर ज्यादा ध्यान दें, जो लोकल यानी की भारतीय वस्तु हो। जो भारत के नागरिकों द्वारा, भारत में बनाया गया हो।

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के अतर्गत देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज देशवासियों से त्योहारों के मौसम में बाजार से खरीदारी करते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए आग्रह किया कि वे कोरोना वायरस के इस संकट काल में संयम से काम लें और मर्यादा में रहें।

पीएम मोदी ने कहा कि दशहरा संकटों पर जीत का भी पर्व है, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है, साथ ही ये त्योहार संकटों पर जीत का भी उत्सव है। मोदी ने कहा कि अभी त्योहार का मौसम आने वाला है। इस दौरान लोग खरीदारी करेंगे, आप खरीदारी के दौरान वोकल फॉर का संदेश जरूर याद रखें और स्थानीय और स्वदेशी सामानों को खरीदें। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सैनिकों को विजयादशमी की शुभकामना भी दी।

उन्होंने कहा कि इस दीवाली आप सभी सैनिकों के नाम एक दीप जलाएं, वहीं त्योहारों के दौरान सामाजिक दूरी का पालन करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, "हमें अपने उन जांबाज सैनिकों को भी याद रखना है, जो, इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं, भारत माता की सेवा और सुरक्षा कर रहे हैं। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने है, हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है। मैं अपने वीर जवानों से भी कहना चाहता हूं कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ है, आपके लिए कामना कर रहा है, मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूं, जिनके बेटे बेटियां आज सरहद पर है।"

इसके साथ ही उन्होंने खादी का जोर देते हुए कहा कि खादी हमारी सादगी की पहचान रही है, लेकिन हमारी खादी आज इको फ्रेंडली फैब्रिक के रूप में जानी जा रही है ये बॉडी फ्रेंडली फैब्रिक भी है। उन्होने यूपी की बाराबंकी की एक महिला सुमन के बारे में बताया जिन्होंने पहले अपनी कुछ साथी महिलाओं के साथ मास्क बनाना शुरू किया था लेकिन धीरे-धीर अन्य महिलाएं भी उनके साथ जुड़ने लगी और आज ये हजारों खादी मास्क बना रही हैं।

वहीं उन्होंने मेक्सिको का उदाहरण देते हुए बताया कि मेक्सिको की एक जगह ‘ओहाका’ हैं, इस इलाके में कई गांव ऐसे हैं जहां स्थानीय ग्रामीण खादी बुनने का काम करते हैं। मोदी ने बताया कि ओहाका का एक युवक मार्क ब्राउन गांधी जी से इतना प्रभावित हुआ कि वे मेक्सिको में जाकर खादी का काम शुरू करने लगे। इसके साथ ही पीएम मोदी ने दिल्ली के कनॉट प्लेट का जिक्र भी किया और कहा कि यहा के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ से ज्यादा की खरीदारी हुई उन्होने कहा कि खादी के मास्क भी काफी पापुलर हो रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों जब हमे अपनी चीजों पर गर्व होता है दुनिया को भी उसमे उत्सुकता उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि हमारे अध्यात्म हमारे खेल दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। मलखम ने दुनिया भर में शोहरत हासिल की है। अमेरिका में तो मलखम ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है। जहां बड़ी संख्या में युवा मलखम सीखने आ रहे हैं.. जर्मनी, मलेशिया में भी ये काफी पापुलर हुआ है और अब तो मलखम को लेक वर्ल्ड चैंपियनशिप भी चालू कर दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई पीढ़ी मलखम से परिचित नहीं है, उन्हें इसे इंटरनेट पर सर्च करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने देश की युवा पीढी से मार्शल आर्ट सीखनें और इसके बारे में जानने की भी बात कहीं। आपको बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के सेंस ऑफ ह्युमर की भी बात की। उन्होंने कहा कि हालात चाहे कितनों ही खराब क्यों न हो, लेकिन व्यक्ति को अपना सेंस ऑफ ह्युमर जिंदा रखना चाहिए।

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