पीएम मोदी ने तोड़ा 55 सालों का रिकॉर्ड, AMU में दिये कई मंत्र

 

नई दिल्ली : आज से 55 साल पहले 1964 में लाल बहादुर शास्त्री, प्रधानमंत्री रहते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसके बाद किसी प्रधानमंत्री ने इस विश्वविद्यालय के किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, जिसे तोड़ते हुए पीएम मोदी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वो भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 55 सालों का। गौरतलब है कि 55 साल में ये पहला मौका है, जब किसी प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के संबोधन में कहा कि समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए। जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें। उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज़्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है। पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं। मुस्लिम बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम से कम हो इसके लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है।

पीएम ने कहा कि आज एएमयू से तालीम लेकर निकले सारे लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों पर ही नहीं बल्कि दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हुए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है। हज़ारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण यह शताब्दी समारोह वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति शसैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे। बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने यहां एक खास डाक टिकट जारी किया, साथ ही अपने संबोधन में छात्रों को कई मंत्र भी दिए।

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