Parliament Budget Session: सदन में क्यों हुआ हंगामा.., लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

 

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की आंच अब संसद तक पहुंच गई हैं। संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यसभा और लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। बता दें की तेल की कीमतों में वृद्धि के मसले पर विपक्ष द्वारा  लगातार चर्चा करने की मांग पर सभापति के इनकार के बाद मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। इसके चलते कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस पर सभापति ने कहा कि सदस्यों को इस मुद्दे को उठाने का पर्याप्त मौका मिलेगा। 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद कुछ देर के लिए प्रश्नकाल चला लेकिन लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुए सदन को फिर से 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले सभापति ने तेल की कीमतों में वृद्धि पर विपक्ष द्वारा लाए गए कार्य स्थगन नोटिस को नियम 267 के तहत लगातार दूसरे दिन भी खारिज कर दिया था।यह नोटिस विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, बहुजन समाज पार्टी के सतीश चंद्र मिश्रा, डीएमके के तिरुचि शिवा और शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा दिया गया था। इस बीच विपक्षी की नारेबाजी के बीच भी सदन शून्यकाल तक जारी रहा। इस पर उप सभापति हरिवंश ने कहा, "अध्यक्ष द्वारा खारिज किए गए नोटिस को फिर से अनुमति नहीं दी जा सकती है।"

इस पर डीएमके के सदस्य टी.शिवा ने कहा, "उस शून्य काल को केवल तभी जारी रखा जा सकता है जब सदन क्रम से चल रहा हो।" तब भाजपा के सदस्य भूपिंदर यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नियम 258 के तहत सभापति द्वारा किया गया फैसला सभी के लिए मान्य होता है।

इससे पहले भी विपक्ष के सदस्यों ने ईंधन की कीमतें बढ़ने को लेकर नारेबाजी की थी और सदन को 12 बजे तक के लिए तक स्थगित कर दिया गया। बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने 4 महानगरों में लगातार दसवें दिन ईंधन की कीमतों को अपरिवर्तित रखा। राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल 91.17 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। वहीं मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें क्रमश: 97.57 रुपये, 93.11 रुपये और 91.35 रुपये प्रति लीटर हैं।

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