पाक PM इमरान खान का नवाज शरीफ पर जोरदार हमला, बताया- सबसे बड़ा गद्दार

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

आतंकिस्तान यानी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने विपक्षी दल पीएमएल-एन के नेता नवाज शरीफ पर जोरदार हमला बोला है। नवाज शरीफ को गद्दार बताते हुए इमरान खान ने कहा है कि नवाज शरीफ जवानों को सैन्य नेतृत्व के खिलाफ बगावत के लिए उकसा रहे हैं और इससे बड़ा देशद्रोह और क्या हो सकता है।

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कहा, वो कहते हैं कि सैन्य नेतृत्व खराब है और बाकी आर्मी अच्छी है, ऐसा कहकर आप सैनिकों को बगावत करने के लिए उकसा रहे हैं। इससे बड़ा देशद्रोह और क्या हो सकता है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि चोरी किए गए पैसे से खरीदे लग्जरी फ्लैट में बैठा एक शख्स (नवाज शरीफ) आर्मी के जवानों को सैन्य नेतृत्व के खिलाफ जहर उगलकर बगावत के लिए उन्हें उकसा रहा है। इसका मतलब तो ये हुआ कि वो किसी जज को अच्छा बता रहे हैं और पनामा पर अपने खिलाफ फैसला सुनाने वाले मुख्य न्यायाधीश को खराब बता रहे हैं। ऐसा करके वो न्यायपालिका में भी विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

आपको बता दें कि मरान खान के खिलाफ नवाज शरीफ की पीएमएल-एन समेत 11 विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर एक गठबंधन का निर्माण किया है। जिसका नाम-पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट है। नवाज शरीफ ने अपने कई भाषणों में खुद के सत्ता से बाहर होने के लिए पाकिस्तानी सेना को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने हाल ही में आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा का नाम लेकर कहा कि पाकिस्तान में सरकार के ऊपर एक सरकार चल रही है। फिलहाल, नवाज शरीफ लंदन में हैं।

पीएम इमरान खान ने इंटरव्यू में कहा, नवाज शरीफ विदेश में कायरों की तरह छिपकर बैठे हैं और अपने समर्थकों को सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसा रहे हैं। पीएमएल-एन सुप्रीमो और उनकी बेटी शुरुआत में खामोश रहे क्योंकि वो अपनी रिहाई की कोशिश कर रहे थे। जब उन्हें लगा कि उनके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है तो उन्होंने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया। अब वे आर्मी और न्यायपालिका को भी निशाना बनाने लगे हैं। इमरान खान ने कहा कि देश के लिए एफएटीएफ की ब्लैकलिस्ट से बचना बेहद जरूरी था लेकिन विपक्षी दल एफएटीएफ कानून को पास नहीं होने देना चाहते थे। वो इस कानून के पास होने से पहले भ्रष्टाचार के मुकदमों में अपने लिए राहत चाह रहे थे।

जब इमरान खान से सवाल किया गया कि क्या वो नवाज शरीफ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाएंगे तो उन्होंने टालते हुए कहा कि देशद्रोह साबित करना बेहद मुश्किल होता है। इमरान खान ने कहा कि उनके पास नवाज शरीफ की गतिविधियों को लेकर कई जानकारियां हैं लेकिन एजेंसी की रिपोर्ट के आधार कोर्ट केस दायर नहीं किए जा सकते हैं।

इमरान खान ने यहां तक कहा कि अमेरिका में राजदूत रहे हुसैन हक्कानी नवाज की कम्युनिकेशन स्ट्रेटजी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हुसैन हक्कानी को देखिए, कौन नहीं जानता है कि वो विदेश में भारतीय लॉबी के साथ बैठकर क्या कर रहे हैं? उनकी पूरी रणनीति ही आर्मी विरोधी है. “पाकिस्तानी आर्मी खराब है, इमरान खान कठपुतली हैं”.. ये सब किसके शब्द हैं? भारत भी यही सारी बातें कहता है। इमरान खान ने कहा कि भारत पाकिस्तान को तीन टुकड़ों में बांट देना चाहता है और उनके थिंक टैंक भी यही कह रहे हैं।

इमरान खान ने कहा, नवाज भारत में आज इतने लोकप्रिय क्यों हो गए हैं? इमरान खान बॉलीवुड के विलेन हैं लेकिन नवाज शरीफ लोकतांत्रिक हैं। जो शख्स जिया-उल-हक की गोद में पला-बढ़ा, वो अचानक लोकतांत्रिक हो गया जबकि इमरान खान जिसने जमीन से शुरुआत की और लोगों का समर्थन जुटाया, वो आर्मी की कठपुतली है! नवाज शरीफ भारत के लिए मुफीद हैं जबकि इमरान खान नहीं हैं।

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