JNU का बदल गया नाम, अब होगा स्वामी विवेकानंद !

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

अक्सर अलग-अलग विवादों को लेकर चर्चा में रहने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के चर्चा में रहने का कारण नाम बदलने को लेकर छिड़ी जंग है। बता दें, केरल के भाजपा नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्वर अलग-अलग हैं तो वहीं कांग्रेसी इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो गई है।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवी ने यह मांग की है कि जवाहरलाल यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद के नाम पर किया जाए। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवी की ये मांग पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जेएनयू में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सामने आई थी। महासचिव सीटी रवी के इस मांग के सामने आने के बाद से ही रवि के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल लिया है।

गौरतलब हो कि बीते दिनों गोवा महाराष्ट्र और तमिलनाडु के प्रभारी बनाए गए भारतीय जनता पार्टी के महासचिव सिटी रवि ने जेएनयू का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखे जाने की मांग की थी। उन्होंने अपनी इस मांग को लेकर एक ट्वीट भी किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘स्वामी विवेकानंद भारत की विचारधार के लिए खड़े हुए थे और उनके दर्शन और मूल्य भारत की ताकत को दर्शाते हैं। यह सही है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए। भारत के देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा"।

भाजपा नेता की मांग से सहमत नहीं ABVP

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव सीटी रवि की जेएनएन का नाम बदलकर विवेकानंद के नाम पर रखने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन सहमत नहीं है। जेएनयू एबीवीपी ईकाई के अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने विवाद के बाबत कहा कि हम नाम बदलने के पक्ष में नहीं है। हमें लगता है नाम सही है। यही नाम रहना चाहिए। 

बता दें कि जेएनयू और वाम और दक्षिण पंथों संगठनों के बीच सालों से राजनीतिक लड़ाई चलती आ रही है। एक बार नहीं कई बार जेएनयू का नाम बदलने की बात उठ चुकी है। भाजपा नेता सुब्रह्ममण्यम स्वामी तो जेएनयू का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर करने की वकालत कर चुकी है।

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