कोरोना से लड़ने के लिए भारत को प्रदान किया जा रहा है ये सुरक्षा कवच

 

नई दिल्ली : पिछले कुछ समयों से कोरोना महामारी एक वैश्विक अभिशाप बनता जा रहा है, जिसने न जाने कितने घरों को उजाड़ कर रख दिया। इस कोविड के बढ़ते आंकड़े सभी को चौंका रहे हैं। वहीं दूसरी ओर देश की सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए केन्द्र भी देशवासियों के लिए लॉकडाउन के समय से ही गाइडलाइन्स एवं नयमों के तहत मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइसर के उपयोग के निर्देश देते हुए सजग होता जा रहा है। इसके साथ ही आयुष मंत्रालय द्वारा निर्मित काढ़े के सेवन को भी बहुत अहमियत दी जा रही है। ये आयुष विभाग का काढ़ा ही नहीं इम्यूनिटी बूस्टर है। गौरतलब है कि आयुष विभाग का इम्यूनिटी बूस्टर देश के हर स्वास्थ्य-केन्द्र पर मुफ्त में उपलब्ध है।

इसी बीच अब राज्यों की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा जवानों को भी इम्युनिटी बूस्टर बांटकर भारत को सुरक्षा-कवच प्रदान किया जा रहा है। जानकारी अनुसार कोरोना महामारी से बचाव के लिए अब ज्यादातर राज्य अपने मानव संसाधन की इम्युनिटी बढ़ाने की राह पर हैं। इसके बाद तमिलनाडु से लेकर दिल्ली और पंजाब तक में सुरक्षा जवानों को इम्युनिटी बूस्टर दिए जा रहे हैं ताकि संक्रमण से उनका बचाव हो सके। देश के सात लाख आयुष चिकित्सकों को गाइडलाइंस भी भेजी जा चुकी है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा था कि कोविड महामारी के प्रबंधन में आयुष चिकित्सा की भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि आयुष मंत्रालय के जरिए देश भर के आयुष चिकित्सकों को इम्युनिटी बूस्टर पर दिशा निर्देश भेजे जा चुके हैं।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना से बचाव के लिए गिलोय, अश्वगंधा और तुलसी इत्यादि औषधियों से निर्मित काढ़े का इस्तेमाल जवानों द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही जवानों को आयुरक्षा किट भी उपलब्ध कराई जा रही है जिसमें काढ़ा के अलावा औषधियों से बनीं दवाएं शामिल हैं। लेकिन ये सुविधाएं सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, पंजाब में भी। आपको बता दें कि कुछ ही समय पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पुलिस जवानों को किट वितरित करने का फैसला लिया था। इसमें एमिनिटी प्लस के अलावा मास्क, ऑक्सीमीटर व औषधियों से निर्मित दवाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही भारत के दक्षिण हिस्से में भी काढ़े की गूंज है। बता दें कि तमिलनाडु सरकार ने भी अपने यहां कोरोना योद्धाओं को अथिमाथुराम और काबसुरा कुदिनेर इम्युनिटी बूस्टर का इस्तेमाल कराने का फैसला लिया है। इसे लेकर कोरोना योद्धाओं को किट वितरण का सिलसिला भी शुरू हो चुका है।

वहीं मुख्यमंत्री एडाप्पडी के. पलानीस्वामी का कहना है कि अब तक कोरोना वायरस का कारगर उपचार सामने नहीं आया है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना ही एकमात्र विकल्प है। चूंकि कोरोना योद्धाओं को संक्रमण का खतरा ज्यादा है। इसलिए इम्युनिटी बूस्टर के इस्तेमाल का फैसला लिया।

आखिर क्या है ख़ास इस इम्यूनिटी बूस्टर में : जानकारी के मुताबिक इम्यूनिटी बूस्टर या एमिनिटी प्लस का निर्माण करने वाली एमिल फॉर्मास्युटिकल के कार्यकारी निदेशक डॉ. संचित शर्मा का कहना है कि एमिनिटी प्लस को 51 जड़ी बूटियों से बनाया है। इनमें अश्वगंधा, गुडुची, सुंठी, हरद बड़ी, यास्तीमधु, आमला, मजीठा, हरिद्रा, नीम इत्यादि से भरपूर हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा इसमें मौजूदा एंटी आक्सीडेंट तत्व शरीर में मौजूदा जहरीले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार हैं।

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