पुडुचेरी में बीजेपी की होगी बले-बले गिरी कांग्रेस, कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन को लगा झटका

 

नई दिल्ली: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चल रही उठा पटक के बीच सोमवार को हुए विश्वास प्रस्ताव में मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की सरकार गिर गई। अब सभी की जुबान पर एक ही चर्चा है कि क्या चुनाव आते-आते राज्य में बीजेपी की सरकार रहेगी भी या फिर चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत होगा? नारायणसामी और सत्तारूढ़ कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों ने सोमवार को विश्वासमत में सरकार की हार के बाद उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही मुख्यमंत्री नारायणसामी और सत्ताधारी पार्टी के अन्य विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री राजनिवास पहुंचे और उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 
 
बहुमत के समींकरण को देखें तो कांग्रेस 9 विधायकों के साथ 3 डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन था। डीएमके और निर्दलीय विधायकों के समर्थन के बाद कांग्रेस के पास 12 विधायकों का समर्थन था। आपको बता दें कि राज्य में सरकार बनाने के लिए 14 विधायकों की जरुरत पड़ती है। इस गणित से कांग्रेस के पास बहुमत साबित करने के लिए 2 विधायकों की कमी हो गई। जिसके बाद स्पीकर ने एलान कर दिय़ा नारायणसामीं सरकार के पास बहुमत नहीं है। 


विधानसभा के गणित को देखें तो 33 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा में 30 सदस्य निर्वाचित और 3 सदस्य केंद्र सरकार की ओर से मनोनित होते हैं। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थी। इसमें कंग्रेस का एक विधायक को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया था। आपको बता दें अबतक पांच विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। 
वर्तमान स्थिति को देखें तो डीएमके ने कांग्रेस का समर्थन किया था। उसके तीन विधायक थे, लेकिन रविवार को इनमें से एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया। रविवार देर शाम तक कांग्रेस गठबंधन में 12 विधायक ही बचे। आपको बता दें कि सरकारके अल्पमत में आने के बाद राज्य की उप-राज्यपाल किरण बेदी को राष्ट्रपति ने पद से हटा दिया था। जिसके बाद सरकार को सोमवार तक बहुमत साबित करने को  कहा गया था।

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