पीएम मोदी के मन की बात पर किसानों ने बजाई थाली, 30 मिनट में भी कुछ नहीं बोले मोदी...

 

नई दिल्ली : देश में फैले जिस कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए पीएम मोदी ने थाली बजवाई थी, वो तो खत्म नहीं हुआ, लेकिन ये थाली बजाने की परंपरा शुरू हो गई, वो भी सरकार के विरोध में। गौरतलब है कि इससे पहले बेरोजगार युवकों ने थाली बजाकर केंद्र और राज्य सरकार का विरोध किया था, जिसके बाद आज किसानों ने थाली बजाकर पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का विरोध किया।

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के दौरान स्वनिर्भरता, लोकल फॉर वोकल, बाघ और चितों की बढ़ती जनसंख्या और जम्मू-कश्मीर के केसर जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन उन्होंने एक महीने से भी अधिक समय से चल रहें किसान आंदोलन का कोई जिक्र नहीं किया। जिससे किसानों में खासा निराशा है।

किसानों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी मन की बात रहे हैं, लेकिन हमारी बात कब करेंगे। किसान पिछले एक महीने से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, पीएम मोदी के इस कार्यक्रम का 72वां संस्करण है। ये इस साल का आखिरी मन की बात कार्यक्रम था। पीएम मोदी ने अपने इस मन की बात कार्यक्रम के दौरान किसानों के इस आंदोलन का ज़िक्र नहीं किया। पीएम मोदी ने किसानों का ज़िक्र नहीं किया।

आपको बता दें कि पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान किसानों ने बर्तन बजाये। दिल्ली के शाहजहांपुर हाईवे पर किसानों ने मार्च निकाला और थाली बजाई। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की। स्वराज इंडिया के योगेन्द्र यादव ने कहा कि मन की बात के शोर को दबाने के लिए हम थाली बजा रहे हैं।

बता दें कि किसान संगठनों ने शनिवार को सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला किया है और अगले दौर की वार्ता के लिए 29 दिसंबर की तारीख का प्रस्ताव दिया, ताकि नए कानूनों को लेकर बना गतिरोध दूर हो सके। संगठनों ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीके के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए गारंटी का मुद्दा एजेंडा में शामिल होना चाहिए।

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