Farmer Protest: सरकार और किसान के बीच वार्ता से पहले पुलिस ने किया किसानों पर लाठीचार्ज, छोड़े आंसूगैस के गोले

 

नई दिल्ली : तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान लगातार तकरीबन 38 दिनों से आंदोलनरत है, जिसे लेकर वे आज भी सड़कों पर डटे रहें। आपको बता दें कि कल यानी 4 जनवरी को सरकार और किसानों के बीच तीन कृषि कानून और MSP पर चर्चा होने है। इससे पहले ही हरियाणा और पंजाब से ऐसी खबरें सामने आ रही है, जिसे लेकर किसानों में काफी रोष है।

दरअसल रविवार को अलवर जिले के शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों और हरियाणा पुलिस के बीच तनातनी का माहौल देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस दौरान यह झड़प इतना हिंसक हो गया कि हालात को काबू करने के लिये पुलिस को किसानों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। इतना ही नहीं उन्हें रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसूगैस के गोले भी दागे।

किसानों और पुलिस के बीच टकराव के बाद हाईवे पर वाहनों का पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। फिलहाल सभी आंदोलनरत किसानों को हरियाणा में धारूहेड़ा के पास रोका गया है। आपको बता दें कि ये सभी किसान दिल्ली में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए रवाना हुए थे। ये हरियाणा के रास्ते दिल्ली पहुंचना चाह रहे थे. लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोक दिया है।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को भी राजस्थान में किसानों के एक ग्रुप ने राजस्थान-हरियाणा के बॉर्डर शाहजहांपुर में जबरन घुसने की कोशिश की थी। करीब एक दर्जन ट्रैक्टरों ने हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हरियाणा में प्रवेश कर लिया था और दिल्ली की तरफ रवाना हो गए थे।

किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा कि आज संगरूर में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। हम इसकी निंदा करते है। हम पंजाब सरकार को अवगत कराते हैं कि आपने अगर किसानों पर लाठीचार्ज बंद नहीं किए तो उनके खिलाफ पंजाब में मोर्चा खोला जाएगा।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कल का एजेंडा रहेगा स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट, तीन कृषि क़ानूनों की वापसी और MSP पर क़ानून बने। हम वापस नहीं जाएंगे। अब तक 60 किसान शहीद हो चुके हैं। सरकार को जवाब देना होगा।

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