Farmer Protest: 28वें दिन भी किसानों का आंदोलन जारी, 27 दिसंबर को बजाएंगे थाली

 

नई दिल्ली: देश में जारी किसान आंदोलन का आज 28वां दिन है और किसान लगातार अपने मांगो को लेकर डटे हुए है। वहीं सरकार लगातार कह रही है कि उन्होंने किसानों को पत्र लिखा है, जिसका जवाब अभी किसानों की तरफ से नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द किसानों के साथ बैठक कर उसका हल निकालेंगे। हालांकि तिथि का निर्धारण किसानों द्वारा किया जाना है।

प्रदर्शनकारी ने बताया कि, "जो चिट्ठी सरकार ने भेजी है आज उसका जवाब दिया जाएगा। हम 24 घंटे बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन वे बात नहीं करना चाहते क्योंकि उनके मन में खोट है।" वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि,"किसान दिवस पर मैं मोदी सरकार को एक ही बात बोलना चाहता हूं कि कृषि कानूनों को वापस लेकर हमें आज ये गिफ्ट में दें क्योंकि अबका किसान पढ़ा-लिखा है उन्हें इस कानूनों के बारे में पता है।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसान दिवस पर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। कृषि क़ानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं। सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है। मैं आशा करता हूँ कि वे जल्द अपने आंदोलन को वापिस लेगें।

भारतीय किसान यूनियन के नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि 23 तारीख को हम एक टाइम का खाना नहीं खाएंगे। 26 और 27 तारीख़ को दूतावासों के बाहर हमारे लोग प्रदर्शन करेंगे। 27 तारीख को प्रधानमंत्री ने जो मन की बात का कार्यक्रम रखा है उसका हम थालियां बजाकर विरोध करेंगे।

आपको बता दें कि गाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं।  वहीं सिंघु (दिल्ली-हरियाणा) बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

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