Farmer Protest: किसान और सरकार के बीच 8वें दौर का बैठक भी रहा बेनतीजा, फिर मिली तारीख

 

नई दिल्ली : किसान और सरकार के बीच आज जारी बैठक भी बेनतीजा रहा और फिर मिली एक और तारीख। क्योंकि किसान अपने मांगों से हटने को तैयार नहीं है। सरकार जहां MSP और तीनों कृषि कानून में संशोधन की बात कर रहीं है, वहीं किसान नेता इन तीनों कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े है। उनका कहना है कि पहले सरकार इन तीनों कानून को वापस लें, उसके बाद ही अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चर्चा का माहौल अच्छा था परन्तु किसान नेताओं के कृषि क़ानूनों की वापसी पर अड़े रहने के कारण कोई रास्ता नहीं बन पाया। 8 तारीख को अगली बैठक होगी। किसानों का भरोसा सरकार पर है इसलिए अगली बैठक तय हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार देशभर के किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है। सरकार जो भी निर्णय करेगी, सारे देश को ध्यान में रखकर ही करेगी

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हम चाहते  हैं कि किसान यूनियन की तरफ से वो विषय आए जिस विषय में किसान को कोई परेशानी होने वाली है, उस विषय पर सरकार खुले मन से विचार करने को तैयार है। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 8 तारीख (8 जनवरी 2021) को सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी। तीनों कृषि क़ानूनों को वापिस लेने पर और MSP दोनों मुद्दों पर 8 तारीख को फिर से बात होगी। हमने बता दिया है क़ानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं।

एक अन्य किसान नेता कहा कि हमने बताया कि पहले कृषि क़ानूनों को वापिस किया जाए, MSP पर बात बाद में करेंगे। 8 तारीख तक का समय सरकार ने मांगा है। उन्होंने कहा कि 8 तारीख को हम सोचकर आएंगे कि ये क़ानून वापिस हम कैसे कर सकते हैं, इसकी प्रक्रिया क्या हो।

आपको बता दें कि इस बैठक के शुरूआत के साथ ही किसान सिर्फ कानून वापसी की मांग पर ही अड़े रहे। सरकार के मंत्रियों ने कहा कि वे एक बार फिर से किसान संगठनों से बात करेंगे। दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की वार्ता 8 जनवरी को होगी। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय उद्योग व वाणिज्य राज्यमंत्री सोम प्रकाश शामिल थे।

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