कोरोना को मात देकर भी हारी आखिरी जिंदगी की लड़ाई, 92 साल की उम्र में हुआ केशुभाई का निधन

 

नई दिल्ली : कुछ वक्त पहले ही कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाये गये गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री वापस अपने घर को लौटे थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम की ये जीत भी उनकी एक हार होगी। क्योंकि इस महामारी से ठीक होने के कुछ दिनों बाद ही केशुभाई पटेल की हालत गड़बड़ होने लगी और उन्हें सांस तकलीफ की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। आपको बता दें कि केशुभाई के सांस लेने की समस्या के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन वे भी इस जंग को हार गये।

केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था। जिससे केशुभाई पटेल की उम्र 92 साल की उम्र में निधन हो गई। आपको बता दें कि उनके मौत पर गुजरात सीएम विजय रूपाणी ने भी दुख प्रकट करते हुए, परिवार को सांत्वना दिया है।

आपको बता दें कि केशुभाई पटेल ने दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था, वो 1995 और 1998 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन 2001 में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, दोनों ही बार केशुभाई पटेल अपने कार्यकाल को पूरा नहीं कर पाए थे। इसके अलावा उन्होंने गुजरात के उपमुख्यमंत्री का भी पद संभाला। बता दें कि 2001 में मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफा देने के बाद ही नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और 2014 तक राज्य में सत्ता के केंद्र में रहे।

आपको बता दें कि केशुभाई पटेल का जन्म जूनागढ़ में 24 जुलाई 1928 को हुआ था, काफी कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ज्वाइन कर लिया था। जिसके बाद जनसंघ और फिर बीजेपी के साथ लंबे वक्त तक रहे।

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