ममता बनर्जी पर दिलीप घोष का वार, कहा- चुनाव में 'विक्टिम कार्ड' खेल राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ममता

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है लेकिन इससे पहले ही तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वो खुद राज्य के हालात बिगाड़कर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ताकि चुनाव में वो 'विक्टिम कार्ड' का रणनीति सच सकें।

वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभेंदु अधिकारी के पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर उन्हें किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि ये सच है कि टीएमसी में बहुत से लोग अब बागी होते जा रहे हैं।

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही दिलीप घोष की काफिले पर हमला की घटना सामने आई है। घोष की काफिले में मौजूद गाड़ियों पर हुए हमले में कार पर पथराव कर चार शीशे तोड़ दिए गए थे। घोष के साथ हुए इस हमले के बाद भाजपा विधायकों द्वारा जगह-जगह पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस बीच पुलिस ने 40 भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया था। वहीं अपने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने से बौखलाए दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल पुलिस ममता बनर्जी की कैडर के तौर पर काम करती है, यहां पुलिस के सामने ही नेताओं पर हमले होते हैं, लेकिन उनके विरूद्ध एक एफआईआर तक दर्ज नहीं की जाती। दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी खुद यही चाहती हैं कि राज्य में धारा 356 लागू हो जाए। बता दें, इसी धारा के तहत केंद्र द्वारा किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है। 

घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार जानबूझकर केंद्र सरकार को इसके इस्तेमाल के लिए मजबूर कर रही है ताकि वह चुनाव में विक्टिम कार्ड खेल सकें। दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में माफिया और गुंडे हैं जो लोगों को डराने का काम करते हैं और हिंसा का सहारा लेते हैं। 

इसके अलावा भाजपा नेता ने यह भी कहा कि शुभेंदु अधिकारी समेत टीएमसी में चार-पांच विधायक ऐसे भी हैं, जो बागी सुर अपना रहे हैं। वह कहते हैं कि पार्टी में उनका दम घुटता है, टीएमसी में कोई मान-सम्मान नहीं मिलता है। चर्चा ऐसी भी हैं कि लोग कहीं पार्टी ना छोड़ दें।

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