पीएम मोदी के राजनीतिक गुरू का हुआ निधन, जानिए कौन हैं वो ?

 

नई दिल्ली : पीएम मोदी के राजनीतिक गुरू माने जाने वाले केशुभाई पटेल का आज सुबह कार्डियक अरेस्ट के कारण 92 साल की उम्र में उनकी निधन हो गई, जिससे पीएम मोदी सदमे है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने गुजरात में अपनी राजनीतिक करियर की शुरूआत केशुभाई पटेल के नेतृत्व में ही किया था, जिन्होंने गुजरात में सरकार बनाने में पीएम मोदी की काफी मदद की। वहीं पीएम मोदी ने भी प्रधानमंत्री बनने पर कहा भी था कि सूबे की असल कमान केशुभाई के हाथ में ही है। उन्हें बीजेपी का रथ हांकने वाला सारथी करार दिया था।

राजनीतिक सफर

1960 के दशक में केशुभाई पटेल ने जनसंघ कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की थी। वह इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। 1975 में, जनसंघ-कांग्रेस (ओ) गठबंधन गुजरात में सत्ता में आई। आपातकाल के बाद 1977 में केशुभाई पटेल राजकोट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और बाबूभाई पटेल की जनता मोर्चा सरकार में 1978 से 1980 तक कृषि मंत्री रहे। 1979 में मच्छू बांध दुर्घटना, जिसने मोरबी को तबाह कर दिया था, के बाद उन्हें राहत कार्य में शामिल किया गया था।

आपको बता दें कि केशुभाई पटेल 1978 और 1995 के बीच कलावाड़, गोंडल और विशावादार से विधानसभा चुनाव जीते। 1980 में, जब जनसंघ पार्टी को भंग कर दिया गया तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ आयोजक बने। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ चुनाव अभियान का आयोजन किया और उनके नेतृत्व में 1995 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी।

आपको बता दें कि केशुभाई 2 बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे। 30 सितंबर को ही सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के दोबारा अध्यक्ष चुने गए थे। बता दें कि उन्होंने तख्तापलट के चलते दोनों बार मुख्यमंत्री का टर्म पूरा नहीं कर पाए। 2001 में उनकी जगह नरेंद्र मोदी ने CM पद की शपथ ली। मोदी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु भी मानते हैं। प्रधानमंत्री बनने पर उन्होंने कहा भी था कि सूबे की असल कमान केशुभाई के हाथ में ही है।

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