गर्मियों में बढ़ाना होगा सांसों पर पहरा, प्रदूषण के साथ मिलकर घातक होगा कोरोना!

गर्मियों में बढ़ाना होगा सांसों पर पहरा नहीं तो .. 
 
गर्मियों में बढ़ाना होगा सांसों पर पहरा, प्रदूषण के साथ मिलकर घातक होगा कोरोना!

रिपोर्ट: सौरभ सिंह

नई दिल्ली: देश में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है, इस बात की गवाही आंकड़े ही दे रहे हैं। पिछले 10 दिनों में भारत में रोज 3 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। इसके साथ ही अब कई देसी और विदेशी रिसर्च में सामने आ चुका है कि गर्मियों में कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ जाएगा। भारत सरकार ने भी इसे अब मान लिया है कि गर्मियों में हवा में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैलेगा और इसके लिए हमें जरूरी कदम उठाने होंगे। शायद इसीलिए यह कहा गया है कि अब लोग घरों के अंदर भी मास्क का यूज करें। डबल मास्क लगाने की बात तो हेल्थ एक्सपर्ट पहले से ही कर रहे हैं।

उत्तर भारत में मई से भीषण गर्मी पड़नी शुरू होती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर सहित करीब उत्तर भारत के सभी शहरों में प्रदूषण भी एक बहुत गंभीर मुद्दा रहा है। जैसे दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, लखनऊ, इंदौर, भोपाल शहरों का एक्यूआई यानी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स खतरनाक लेवल पर रहा है। अगर प्रदूषण और कोरोना दोनों ने अगर वायुमंडल में दोस्ती कर ली तो समझिये तबाही का वो मंजर होगा जिसकी कल्पना नही की जा सकती है।

दुनिया भर के आंकड़े बताते हैं कि विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषित 30 शहरों में से करीब 21 शहर भारत के हैं। पर्यावरण और प्रदूषण पर काम करने वाली एजेंसियों के अनुसार भारत में 2019 में वायु प्रदूषण के चलते करीब 19 लाख लोगों की मौत हुई है। कोरोना का हमला मनुष्य के शरीर में मुख्यतः श्वास तंत्र पर ही होता है। जिन शहरों में जितना प्रदूषण है वहां लोगों के फेफड़े उतने ही कमजोर हो चुके हैं। इसलिए यह तय है कि गर्मी बढ़ते ही श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी और वे कोरोना का हमला और घातक हो जाएगा। देश में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है, इस बात की गवाही आंकड़े ही दे रहे हैं. पिछले 10 दिनों में भारत में रोज 3 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

इसके साथ ही अब कई देसी और विदेशी रिसर्च में सामने आ चुका है कि गर्मियों में कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ जाएगा. भारत सरकार ने भी इसे अब मान लिया है कि गर्मियों में हवा में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैलेगा और इसके लिए हमें जरूरी कदम उठाने होंगे। शायद इसीलिए यह कहा गया है कि अब लोग घरों के अंदर भी मास्क का यूज करें। डबल मास्क लगाने की बात तो हेल्थ एक्सपर्ट पहले से ही कर रहे है। 


उत्तर भारत में मई से भीषण गर्मी पड़नी शुरू होती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर सहित करीब उत्तर भारत के सभी शहरों में प्रदूषण भी एक बहुत गंभीर मुद्दा रहा है। जैसे दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, लखनऊ, इंदौर, भोपाल शहरों का एक्यूआई यानी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स खतरनाक लेवल पर रहा है। अगर प्रदूषण और कोरोना दोनों ने अगर वायुमंडल में दोस्ती कर ली तो समझिये तबाही का वो मंजर होगा जिसकी कल्पना नही की जा सकती है। 

दुनिया भर के आंकड़े बताते हैं कि विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषित 30 शहरों में से करीब 21 शहर भारत के हैं. पर्यावरण और प्रदूषण पर काम करने वाली एजेंसियों के अनुसार भारत में 2019 में वायु प्रदूषण के चलते करीब 19 लाख लोगों की मौत हुई है। कोरोना का हमला मनुष्य के शरीर में मुख्यतः श्वास तंत्र पर ही होता है। जिन शहरों में जितना प्रदूषण है वहां लोगों के फेफड़े उतने ही कमजोर हो चुके है। इसलिए यह तय है कि गर्मी बढ़ते ही श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी और वे कोरोना का हमला और घातक हो जाएगा। 

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