सावधान : ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी खबर, करें इन नियमों का पालन, नहीं तो हो सकता है जेल

 

नई दिल्ली : देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुंकी है, जिसे लेकर रेलवे ने कई ट्रनों को चलाने को मंजूरी दिया है। आपको बता दें कि कोरोना काल के दौरान तकरीबन सभी ट्रेनों को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद किस्त बाई किस्त ट्रेनों को चलाया गया। आपको बता दें कि भारतयी रेलवे ने अक्टूबर महीने में आगामी त्योहारी सीजन को लेकर 196 जोड़ी या 392 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।

आपको बता दें कि इसी बीच रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े दण्ड का प्रावधान किया है। अगर आप इस दण्ड से बचना चाहते है तो आपको उन नियमों का पालन करना होगा, जिसे लेकर सरकार ने इतने कड़े दण्ड का प्रावधान किया है। आरपीएफ ने बुधवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मास्क नहीं पहनने, कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और जांच में संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद भी ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है, यहां तक की कैद की भी सजा हो सकती है।

बता दें कि RPF ने विशेष रूप से ये दिशा-निर्देश आगामी त्योहारी सीजन के लिए जारी किए हैं। इस दिशा-निर्देश में यात्रियों से रेल परिसरों में कुछ गतिविधियां करने से बचने को कहा गया है। इनमें मास्क नहीं पहनना या सही तरीके से नहीं पहनना, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करना, इसके अलावा कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद या जांच के नतीजे लंबित रहने के दौरान रेल क्षेत्र में या स्टेशन पर आने या ट्रेन में सवार होने या स्टेशन पर स्वास्थ्य टीम द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं दिये जाने पर भी ट्रेन में सवार हो जाना आदि शामिल हैं।

आरपीएफ ने बताया कि सार्वजनिक स्थल पर थूकना भी गैरकानूनी है। रेलवे स्टेशनों पर एवं ट्रेनों में गंदगी फैलाना या जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रभावित करना तथा कोराना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिये रेल प्रशासन द्वारा जारी किसी दिशा-निर्देश का पालन नहीं करने जैसी गतिविधियों की भी अनुमति नहीं होगी।

आपको बता दें कि RPF ने अपने एक बयान में कहा था कि चूंकि ये गतिविधियां या कृत्य कोरोना वायरस के प्रसार को बढ़ा सकती है और किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को रेल अधिनियम की धारा 145,153 और 154 के तहत दंडित किया जा सकता है।

इन्हें रेल अधिनियम की धारा 145 (नशे में होना या उपद्रव करना) के तहत अधिकतम एक महीने की कैद, धारा 153 (जानबूझ कर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिये जुर्माने के साथ अधिकतम पांच साल की कैद) और धारा 154 (लापरवाह कृत्यों से अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत एक साल तक की कैद या जुर्माना, या दोनों सजा साथ में दिये जाने का प्रावधान है।

आपको बता दें कि रेलवे ने ये कदम त्योहारी सीजन को लेकर रेल जंक्शन पर होने वाले भीड़ को लेकर उठाया है, जिससे लोग किसी तरह के संक्रमण से बच सकें। क्योंकि कोरोना महामारी का संक्रमण लगातार देश में बढ़ रहा है, जिसके एहतियातन रेलवे का यह कदम अत्यंत आवश्यक है, जो रेलवे के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

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