नये साल से पहले पीएम मोदी का किसानों को बड़ा तोहफा, पश्चिम बंगाल बना दुश्मन

 

नई दिल्ली : नया साल आने में अब महज कुछ दिन शेष रह गये है, उससे पहले ही पीएम मोदी ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने शुक्रवार यानी 25 दिसंबर को 9 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगली किस्त के रूप में 18,000 करोड़ रुपये जारी किए है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।

आपको बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने किसानों से संवाद भी किये और किसानों ने पीएम मोदी की इस योजना के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। ओडिशा के एक किसान नवीन ने कहा कि मैंने 2019 में अपना किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त किया। मैंने बिचौलियों से 20 प्रतिशत की तुलना में मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर बैंक से ऋण पर 27,000 रुपये की राशि ली।

वहीं हरियाणा के फतेहाबाद के किसान हरि सिंह बिश्नोई ने कहा कि पहले मैं चावल की खेती करता था लेकिन मुझे बागवानी में भी दिलचस्पी है। मैंने 7 एकड़ जमीन में 3 एकड़ और अमरूद में नींबू लगाए हैं। हम उन्हें स्थानीय मंडियों में बेचते हैं और इसके लिए अच्छी रकम मिलती है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज, किसानों के खातों में सीधे तौर पर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए हैं; कोई बिचौलिए, कोई कमीशन नहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बंगाल के किसानों को केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित रखा गया है। बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जो योजनाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचने दे रहा है। मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बंगाल की सरकार के राजनीतिक कारणों से उनके राज्यों के किसानों को पैसे नहीं मिल रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कृषि बिल को पर कहा कि कुछ लोग ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि आपकी फसल का कोई कांट्रैक्ट करेगा तो जमीन भी चली जाएगी। इतना झूठ बोल रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले तकरीबन 1 माह से किसान लगातार तीनों कृषि बिल हटाने को लेकर सड़कों पर उतर आये है, जहां वो अभी भी डटे हुए है।

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