बिहार के बाद अब मध्य-प्रदेश में भी बजा चुनावी बिगुल

 

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने बिहार-चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद से राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसली है। वहीं दूसरी ओर आयोग मध्य प्रदेश के प्रस्तावित उप-चुनाव की तारीखों का चार दिन बाद ऐलान करने का फैसला ले चुका है। जिसे सुनकर यहां राजनीतिक दलों ने राहत की सांस ली है। दरअसल,चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि बिहार के विधानसभा के चुनाव के साथ मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के उप-चुनावों की तारीखों का भी ऐलान किया जाएगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद बिहार विधानसभा की तरीख का ऐलान कर दिया गया। जिसके बाद आयोग ने कहा कि कोरोना को लेकर कई राज्यों की ओर से पत्र मिले हैं, इस पर विचार मंथन जारी है और उप-चुनावों की तारीखों का ऐलान 29 सितंबर को किया जाएगा।

चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान को लेकर राज्य के राजनीतिक दलों को आचार संहिता की जद में आने से चार दिन की और मोहलत मिलने से गई है।शिवराज सरकार के राज्यमंत्री ओ पी एस भदौरिया का कहना है कि, "भाजपा चुनाव के लिए तैयार है, वहीं राज्य के विकास को और गति मिले यही जनता चाहती है, जनता यह भी जानती है कि उसकी इच्छा और सपनों को सिर्फ भाजपा ही पूरा कर सकती है। आगामी उप-चुनाव में कांग्रेस को जनता सबक सिखाएगी, क्योंकि उसने सत्ता में आने के बाद अपने वादों को पूरा नहीं किया था।"

कांग्रेस के प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि, "कांग्रेस चाह रही है कि जल्दी से जल्दी उप-चुनाव हों, क्योंकि राज्य में वर्तमान में अल्पमत की सरकार है। भाजपा लगातार सरकारी कार्यक्रम आयोजित कर घोषणाएं करने में लगी है, उसे घोषणाएं करने का चार दिन का समय और मिल गया है।"गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी पूर्व से ही घोषित हैं। इनमें से कुछ तो चुनाव लड़ने से पहले ही मंत्री बनाए जा चुके हैं।

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