राष्ट्रपति पर टिप्पणी: हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार और मंत्री से हलफनामा दाखिल करने को कहा

कोलकाता, 17 नवंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार और पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्री अखिल गिरि को अपमानजनक मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) के जवाब में अलग-अलग हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। यहां आपको बता दें कि, गिरि ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लुक को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
 
राष्ट्रपति पर टिप्पणी: हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार और मंत्री से हलफनामा दाखिल करने को कहा
राष्ट्रपति पर टिप्पणी: हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार और मंत्री से हलफनामा दाखिल करने को कहा कोलकाता, 17 नवंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार और पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्री अखिल गिरि को अपमानजनक मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) के जवाब में अलग-अलग हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। यहां आपको बता दें कि, गिरि ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लुक को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस मामले में गिरि के खिलाफ दायर प्राथमिकी पर उसके द्वारा उठाए गए कदमों पर दो सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। साथ ही खंडपीठ ने अखिल गिरी को राष्ट्रपति के लुक को लेकर टिप्पणी करने के कारणों का उल्लेख करते हुए एक अलग हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता सुष्मिता साहा, जो इसी अदालत में एक वकील हैं, ने भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जनहित याचिका में एक पक्ष बनाया है। गिरि के वकील ने गुरुवार को खंडपीठ से इस मामले में मुख्यमंत्री का नाम हटाने की अपील की थी। खंडपीठ ने गिरि के वकील से इस संबंध में लिखित दलील देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।

गिरि की टिप्पणियों के लिए पश्चिम बंगाल के साथ-साथ दिल्ली में भी कई प्राथमिकी दर्ज की गईं। बिष्णुपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के लोकसभा सदस्य सौमित्र खान ने अखिल गिरि की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के हस्तक्षेप की मांग की है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, शुभेंदु अधिकारी ने गिरि को उनके मंत्री पद से तत्काल हटाने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ला गणेशन के हस्तक्षेप की मांग की। दूसरी तरफ बहुत आलोचना होने के बाद सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस ने अखिल गिरि के बयान की निंदा की और उसके बाद ममता बनर्जी ने भी अपने मंत्री की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम

From around the web