मप्र के आदिवासी वर्ग को पेसा कानून की ताकत बताने जागरुता अभियान

नर्मदापुरम, 17 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग केा और ताकतवर बनाने के लिए अमल में लाए गए पेसा कानून से संबंधित वर्ग को जागरुक करने के मकसद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेसा जागरूकता अभियान की शुरूआत कर दी है। इसके लिए पहला सम्मेलन नर्मदापुरम जिले के जनजातीय ब्लॉक केसला में आयोजित किया गया।
 
मप्र के आदिवासी वर्ग को पेसा कानून की ताकत बताने जागरुता अभियान
मप्र के आदिवासी वर्ग को पेसा कानून की ताकत बताने जागरुता अभियान नर्मदापुरम, 17 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग केा और ताकतवर बनाने के लिए अमल में लाए गए पेसा कानून से संबंधित वर्ग को जागरुक करने के मकसद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेसा जागरूकता अभियान की शुरूआत कर दी है। इसके लिए पहला सम्मेलन नर्मदापुरम जिले के जनजातीय ब्लॉक केसला में आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री चौहान ने पेसा जागरूकता सम्मेलन में कहा है कि जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय वर्ग का अधिकार है। राज्य सरकार उनके हक को दिला रही है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार सम्पन्न बनाने के लिये पेसा एक्ट लागू किया गया है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी। गाँव का पैसा गाँव के विकास में ही उपयोग होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण नहीं होने देंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग को मजबूती मिलेगी। नये नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीट गार्ड को गाँव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी वन नकल, गाँव में ही लाकर ग्राम सभा में दिखाने होंगे, जिससे जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार रहेगा। किसी प्रोजेक्ट के लिये जमीन लेने के लिये ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी। छल, कपट और बलपूर्वक अब कोई जमीन नहीं हड़प सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्राम सभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का अधिकार होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण किसी कीमत पर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि खनिज के मामले जिनमें रेत खदान, गिट्टी-पत्थर के ठेके देना है या नहीं इसका निर्णय भी ग्राम सभा में ही लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्राम सभा अमृत सरोवर, तालाबों का प्रबंधन करेगी। तालाबों में सिंघाड़ा उगाने और मछली पालन एवं मत्स्याखेट की सहमति ग्राम सभा देगी। जनजातीय वर्ग के लोगों के द्वारा वनोपज संग्रहण करने के साथ उसे बेचने का भी हक होगा। तेंदूपत्ता की तुड़ाई और ब्रिकी का कार्य भी जनजातीय वर्ग करेंगे। वनोपज की दर ग्राम सभा तय करेंगी। यह सब प्रस्ताव एक माह के अंदर ही तय हो जाएंगे। ग्राम सभा तेंदूपत्ता संग्रहण एवं विक्रय का प्रस्ताव 15 दिसंबर तक पारित करे। गाँव का पैसा गाँव के विकास में ही उपयोग होगा।

उन्होंने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलेगी। किसी शराब दुकान को हटाने की अनुशंसा ग्राम सभा कर सकेगी। छोटे झगड़े सुलझाने का अधिकार भी ग्राम सभा के पास रहेगा। किसी थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज होने पर इसकी सूचना ग्राम सभा को देना होगी। स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आँगनवाड़ी केन्द्र, आश्रम, छात्रावास आदि के व्यवस्थित संचालन के लिए मॉनिटरिंग का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा। मेला एवं बाजार का प्रबंधन भी ग्राम सभा करेगी। नये नियमों को प्रभावी ठंग से लागू किये जाने के लिये पेसा कोऑर्डिनेटर बनाये जायेंगे।

सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आजादी के 70 वर्षों के इतिहास में सही मायनों में अब जनजाति वर्ग के जीवन को नई दिशा मिली हैं। अब जनजाति वर्ग की ताकत उनके हाथों में होंगी। पेसा एक्ट लागू कर उन्होंने जनजाति वर्ग को जल, जंगल एवं जमीन पर अधिकार दिला कर मुख्यमंत्री चौहान सामाजिक क्रांति लाये हैं।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

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