बिहार : पंडुका पुल शिलान्यास से सोन तटीय क्षेत्रों में खुशी, रिश्ते होंगे प्रगाढ़

पटना, 14 नवंबर (आईएएनएस)। सोन तटीय क्षेत्रों की वर्षो पुरानी मांग सोन नदी पर पुल निर्माण का सपना शिलान्यास के बाद अब पूरा होते दिखने लगा है। सोन के तटीय क्षेत्र में पुल के शिलान्यास के बाद लोगों में खुशी की लहर है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को इस पुल के निर्माण स्थल बिहार के पंडुका में शिलान्यास कर यहां के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है।
 
बिहार : पंडुका पुल शिलान्यास से सोन तटीय क्षेत्रों में खुशी, रिश्ते होंगे प्रगाढ़
बिहार : पंडुका पुल शिलान्यास से सोन तटीय क्षेत्रों में खुशी, रिश्ते होंगे प्रगाढ़ पटना, 14 नवंबर (आईएएनएस)। सोन तटीय क्षेत्रों की वर्षो पुरानी मांग सोन नदी पर पुल निर्माण का सपना शिलान्यास के बाद अब पूरा होते दिखने लगा है। सोन के तटीय क्षेत्र में पुल के शिलान्यास के बाद लोगों में खुशी की लहर है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को इस पुल के निर्माण स्थल बिहार के पंडुका में शिलान्यास कर यहां के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है।

अधिकारी बताते हैं कि बिहार के रोहतास में सोन नदी पर पंडुका के पास 210 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 1.5 किमी लंबाई के 2-लेन उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह इलाका एनएच 19 और एनएच 39 सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा।

इस समय रोहतास जिले के पंडुका और झारखंड के गढ़वा जिले से श्रीनगर पहुंचने में 150 किमी अंतर तय करना पड़ता है, इस पुल के बनने से इस सफर में चार घंटे की बचत होगी। डेहरी पुल पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और औरंगाबाद, सासाराम शहरों को जाम की समस्या से भी छुटकारा मिलने में आसानी होगी।

बताया जाता है कि इस पुल के बनने के बाद पंडुका से झारखंड के गढ़वा जाने की दूरी 200 किलोमीटर से घटकर 63 किलोमीटर हो जाएगी।

सोन नदी पर पुल निर्माण का शिलान्यास से सोन तटीय गांवों के हर वर्ग में खुशी का माहौल है। बताया जाता है कि बिहार और झारखंड के सोन तटीय इलाके में बेटी-रोटी का संबंध है। रोहतास जिले के नौहट्टा और रोहतास प्रखंड और झारखंड के गढ़वा, पलामू जिले के सोन तटीय गावों में अधिकांश लोगों के बीच व्यापार और रिश्ते हैं। पंडुका गांव के निकट पुल बन जाने पर यह संबंध और निकट हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस पुल के निर्माण की मांग वर्षो से की जाती रही है। कांडी के युवा व्यवसायी मृत्युंजय चंद्रवंशी बताते हैं कि इस पुल की मांग वर्षो से की जाती रही है। इस पुल के बनने से व्यापार को गति मिलेगी।

इधर, आसपास के ग्रामीणों को कहना है कि श्रीनगर-पंडुका पुल निर्माण की शिलान्यास के बाद सोन नदी पार करने के लिए जोखिम व खतरों से भरी यात्रा नाव से की जाती थी। अब पुल बन जाने के बाद लोगों को नाव की यात्रा से मुक्ति मिलेगी।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसजीके

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