बिहार : कुढ़नी उपचुनाव में एआईएमआईएम, वीआईपी ने दोनों गठबंधनों का गणित बिगाड़ा!

पटना, 17 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा में होने वाले चुनाव को लेकर मैदान सज गए हैं। हालांकि हाल ही में हुए गोपालगंज उपचुनाव के परिणाम से उत्साहित एआईएमआईएम और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रत्याशी उतार देने से एनडीए और महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई है।
 
बिहार : कुढ़नी उपचुनाव में एआईएमआईएम, वीआईपी ने दोनों गठबंधनों का गणित बिगाड़ा!
बिहार : कुढ़नी उपचुनाव में एआईएमआईएम, वीआईपी ने दोनों गठबंधनों का गणित बिगाड़ा! पटना, 17 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा में होने वाले चुनाव को लेकर मैदान सज गए हैं। हालांकि हाल ही में हुए गोपालगंज उपचुनाव के परिणाम से उत्साहित एआईएमआईएम और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रत्याशी उतार देने से एनडीए और महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई है।

कहा जा रहा है कि एआईएमआईएम जहां महागठबंधन के वोट बैंक में सेंध लगाएगी वहीं वीआईपी भूमिहार समाज से आने वाले नीलाभ कुमार को चुनावी मैदान में उतारकर एनडीए और महागठबंधन दोनो के गणित को गड़बड़ा दिया है।

वैसे, चुनाव में अभी 20 दिन का समय है और मतदाता चुप्पी साधे हुए है।

वैसे, भाजपा ने यहां से केदार प्रसाद गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा है जबकि महागठबंधन की ओर से जदयू के मनोज कुशवाहा ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया है। एआईएमआईएम ने गुलाम मुर्तजा अंसारी को उम्मीदवार बनाया है, जिससे जदयू की बेचैनी बढ़ गई है।

हाल ही में गोपालगंज में हुए उप चुनाव में एआईएमआईएम के उम्मीदवार अब्दुल सलाम को 12,214 वोट मिले थे, जिसने महागठबंधन का खेल बिगाड़ दिया था।

मैदान में उतरे योद्धाओं को देखने से साफ का है कि कुढ़नी का मुकाबला दिलचस्प होगा।

उल्लेखनीय है कि यह सीट पिछले चुनाव के आधार पर राजद के कब्जे में थी। राजद के अनिल सहनी के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद खाली हुई है। सांसद रहते हुए फर्जी यात्रा भत्ता के मामले में अदालत ने उन्हें दोषी पाया था। इसके बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गयी थी। पांच दिसंबर को कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उप चुनाव की वोटिंग होनी है।

बताया जा रहा है कि जदयू की नजर जहां राजद के वोट बैंक मुस्लिम, यादव सहित पिछड़ों और वाम कैडरों पर है वहीं भाजपा सवर्ण और अति पिछड़ों, वैश्य के जरिए चुनावी वैतरणी पार करने के जुगाड़ में है।

इधर, कहा जा रहा है कि सहनी निषादों के आलावा उम्मीदवार के जरिए सवर्ण मतदाताओं को आकर्षित कर सकते हैं।

माना जा रहा है कि अगर सहनी अपनी कार्ययोजना में सफल हो जाते हैं तो भाजपा को नुकसान पहुंच सकता है। वैसे, भाजपा के लिए राहत की बात है कि लोजपा (रामविलास) का समर्थन मिल गया है। तय माना जा रहा है कि चिराग पासवान के प्रचार में उतरने से पासवान मतदाता भाजपा की ओर जा सकते हैं।

इधर, एआईएमआईएम के उम्मीदवार होने से मुस्लिम मतदाताओं का वोट बंटने की संभावना बढ़ी है।

राजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन कहते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर गोपालगंज की तरह कुढ़नी में भाजपा को फायदा पहुंचाने और महागठबंधन को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रत्याशी उतारा है। यह सभी लोग अब जान चुके है। इस कारण अब उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भाजपा भी कुढ़नी में जीत के प्रति आश्वस्त है। भाजपा के उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि कुढ़नी में भाजपा की जीत तय है। यहां की जनता भाजपा के साथ है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ने का अधिकार है। किसी के चुनाव लड़ने से भाजपा को फर्क नहीं पड़ता। भाजपा को सर्व समाज के मतदाताओं पर भरोसा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसकेपी

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