नेहरू ने अपनी छवि बचाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदा, भाजपा का आरोप

नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। 16 नवंबर को देश भर में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन देश में एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की उपस्थिति के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। मीडिया, मीडिया की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के प्रतीक 16 नवंबर के दिन भारतीय जनता पार्टी ने आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर अपनी छवि को बचाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदने का आरोप लगाया है।
 
नेहरू ने अपनी छवि बचाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदा, भाजपा का आरोप
नेहरू ने अपनी छवि बचाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदा, भाजपा का आरोप नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। 16 नवंबर को देश भर में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन देश में एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की उपस्थिति के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। मीडिया, मीडिया की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के प्रतीक 16 नवंबर के दिन भारतीय जनता पार्टी ने आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर अपनी छवि को बचाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदने का आरोप लगाया है।

भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से नेहरू पर अभिव्यक्ति की आजादी को रौंदने का आरोप लगाते हुए कहा कि, 1959 में जवाहर लाल नेहरू ने द हार्ट ऑफ इंडिया को बैन कर दिया। यह किताब भारतीय ब्यूरोक्रेसी पर व्यंग्य था।

भाजपा ने 1964 में एक और किताब पर बैन लगाने का आरोप लगाते हुए आगे कहा, 1964 में किताब एन एरिया ऑफ डार्कनेस पर बैन लगा दिया गया। इस किताब में नॉयपॉल ने भारत की सामाजिक व आर्थिक प्रगति पर सवाल उठाए थे।

नेहरू पर निशाना साधने के बहाने भाजपा ने एक बार फिर से कांग्रेस की पिछली सरकारों और उन सरकारों के मुखियाओं (प्रधानमंत्री) पर राजनीतिक हमला बोलते हुए यह आरोप लगाया कि कांग्रेस का चरित्र ही भारत को तोड़ने का रहा है।

--आईएएनएस

एसटीपी/एसकेपी

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