दिल्ली निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी आप को पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली , 16 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली नगर निगम के 250 वार्ड में 40 प्रतिशत वार्ड ऐसे हैं, जहां पूर्वाचली वोटरों की संख्या अधिक है। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) ने नगर निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी की है।
 
दिल्ली निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी आप को पड़ सकती है भारी
दिल्ली निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी आप को पड़ सकती है भारी नई दिल्ली , 16 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली नगर निगम के 250 वार्ड में 40 प्रतिशत वार्ड ऐसे हैं, जहां पूर्वाचली वोटरों की संख्या अधिक है। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) ने नगर निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी की है।

प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं की जो सूची जारी हुई है, उसमें कई ऐसे वार्ड हैं, जहां पूर्वाचली वोटरों की संख्या अधिक है। उत्तरी दिल्ली के ऐसे वार्ड, जहां पूर्वाचलियों की संख्या अधिक है, वे हैं बुराड़ी, झड़ौदा, भलस्वा, प्रेम नगर, मुबारकपुर, निठारी और अमन विहार। पश्चिमी दिल्ली के हस्तसाल, विशाल नगर, कुंवर सिंह नगर, मोहन गार्डन और नवादा में भी पूर्वाचल के लोग अच्छी खासी संख्या में रहते हैं।

दूसरी तरफ, पूर्वाचलियों को खुश करने का कोई भी मौका भाजपा ने कभी नहीं छोड़ा। छठ पूजा के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था, अगर केजरीवाल सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेती तो भाजपा मुख्यमंत्री आवास के बाहर पूर्वाचलवासियों के साथ मिलकर प्रचंड विरोध प्रदर्शन करेगी। अरविंद केजरीवाल ने हर बार की तरह एक बार फिर से पूर्वाचलवासियों का अपमान किया है। दिल्ली में लाखों की संख्या में पूर्वाचलवासी रहते हैं और छठ महापर्व को श्रद्धा, विश्वास और आस्था के साथ मनाते हैं, लेकिन शायद यह बात अरविंद केजरीवाल को रास नहीं आ रही है। इसलिए आम आदमी पार्टी बार-बार पूर्वाचल के लोगों की भावना को ठेस पहुंचाने का एक भी मौका नहीं छोड़ती। यूपी-बिहार वाले दिल्ली 500 रुपये के टिकट पर आते हैं और 5 लाख का इलाज कराकर चले जाते हैं। केजरीवाल के इस बयान को भला कौन भूल सकता है।

दिल्ली नगर निगम के 250 वार्ड में 40 प्रतिशत वार्ड ऐसे हैं, जहां पूर्वाचली वोटरों की संख्या अधिक है, इसके बावजूद आदमी पार्टी ने नगर निगम चुनाव में पूर्वाचलियों की अनदेखी की है। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव में 33 पूर्वाचलियों को टिकट भी दिया है।

भाजपा पूर्वाचल मोर्चा के दिल्ली प्रदेश मंत्री एस.राहुल ने आईएएनएस से कहा, अरविंद केजरीवाल तो शुरू से ही पूर्वाचलियों के विरोधी रहे हैं। पहले भी वह कह चुके हैं कि बिहार से लोग 500 का टिकट लेकर आते हैं और 5 लाख का इलाज कराकर चले जाते हैं, यह तो केजरीवाल के डीएनए में है कि वह पूर्वाचलियों को पसंद नहीं करते। जब मनोज तिवारी जी प्रदेश अध्यक्ष थे, तब भी वह उनके विरोध में बयान देते रहे हैं।

--आईएएनएस

गनी/एसजीके

From around the web