जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेता

 
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेता
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेता जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेता जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेता जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले लोगों को धोखा दे रहे नेताश्रीनगर, 12 नवंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद अल्ताफ बुखारी ने शनिवार को कहा कि संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वादे के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए।

एसके स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बुखारी ने कहा, हम प्रधानमंत्री से संसद के पटल पर गृह मंत्री द्वारा किए गए वादे के अनुसार हम राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा कि, नेता युवाओं के सपने बेचकर उन्हें खाई में ढकेल रहे हैं।

उन्होंने कहा, हमने लोगों को सच बताने के लिए यह पार्टी बनाई है। हम केवल वादा करते हैं कि हम क्या हासिल कर सकते हैं औ उसके लिए हम लड़ने के लिए तैयार हैं। कब्रिस्तान हमारे 2 लाख युवाओं से भरे हुए हैं, जिन्हें वादा किया गया था, लेकिन वे उसे हासिल नहीं कर सके।

हम देश के सर्वश्रेष्ठ वकीलों को शामिल करेंगे और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के लिए कानूनी रूप से लड़ने के लिए करोड़ों रुपये का भुगतान करेंगे।

बुखारी ने आगे कहा, वे राजनेता आपको वोट देने के लिए कह रहे हैं ताकि वे अनुच्छेद 370 को बहाल कर सकें। क्या कोई उनसे पूछता है कि वे चुनाव जीतकर अनुच्छेद 370 को कैसे बहाल कर सकते हैं? आज, मैं सभी राजनेताओं से हाथ मिलाने की अपील करता हूं ताकि हम स्वस्थ, हिंसा मुक्त-राजनीति करें, जिसमें हमारे कश्मीरी पंडित भाई समान हितधारक हों और जिसमें कश्मीर को जम्मू के खिलाफ न खड़ा किया जाए।

उन्होंने कहा कि जब भी खेल आयोजन होते हैं तो स्थानीय युवाओं को गिरफ्तार कर लिया जाता है।

यह कोई लोकतंत्र नहीं है। हमने नेताओं की एक टीम बनाने का फैसला किया है, जो जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों का दौरा करेगी और वहां हिरासत में रखे गए युवाओं का विवरण एकत्र करेगी।

हमें उन विवरणों के साथ देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पास जाने और हमारे युवाओं की रिहाई के लिए अपील करने में कोई आपत्ति नहीं है।

बुखारी ने आगे कहा, इसके लिए हमारे राजनीतिक विरोधी हमें दिल्ली का एजेंट कह सकते हैं। उन्हें वह करने दें, जो उन्हें अच्छा लगता है और हम वही करेंगे, जो लोगों के हित में होगा।

--आईएएनएस

एचएमए/एएनएम

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