उत्तराखंड : पहले गजराज और अब किंग कोबरा के चक्कर में चर्चाओं में है वन विभाग

 
उत्तराखंड : पहले गजराज और अब किंग कोबरा के चक्कर में चर्चाओं में है वन विभाग
उत्तराखंड : पहले गजराज और अब किंग कोबरा के चक्कर में चर्चाओं में है वन विभागदेहरादून, 12 नवंबर (आईएएनएस)। दून चिड़ियाघर से गायब हुए खतरनाक किंग कोबरा को गोपनीय तरीके से इंदौर भेजने की चर्चा का मामला सामने आया है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने चिड़ियाघर निदेशक से मामले में रिपोर्ट तलब की है। वहीं, दून चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत का कहना है कि किंग कोबरा को रेस्क्यू कर दून चिड़ियाघर लाया गया था। उसे पूरी तरह ठीक होने के बाद सुरक्षित राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया है।

केंद्र सरकार की अनुमति के बिना उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से हाथियों को गुजरात भेजे जाने की घटना के बाद अब दून चिड़ियाघर से खतरनाक किंग कोबरा गायब हो गया है।

चर्चा है कि किंग कोबरा को गोपनीय तरीके से इंदौर भेज दिया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को जांच के आदेश दिए हैं।

उधर, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने चिड़ियाघर निदेशक से मामले में रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में दून चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत का कहना है कि किंग कोबरा को रेस्क्यू कर दून चिड़ियाघर लाया गया था। उसे पूरी तरह ठीक होने के बाद सुरक्षित राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया है। उन्होंने किंग कोबरा को इंदौर भेजे जाने की बातों को सिरे से खारिज किया है।

सरकार, शासन और वन मुख्यालय के निर्देश पर चिड़ियाघर में लाखों रुपये की लागत से पहले तो सांप बाड़े का निर्माण किया गया और फिर उसमें एक से एक खतरनाक सांपों को लाया गया। फिलहाल दून चिड़ियाघर में रॉक पाइथन, बर्मीज पाइथन, रेटीकुलेटेड पाइथन, इंडियन कोबरा, किंग कोबरा समेत 10 प्रजातियों के खतरनाक सांपों को रखा गया है। इस सांपों में कई को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों से लाया गया।

--आईएएनएस

स्मिता/एसजीके

From around the web