आप ने की चुनाव आयोग से शिकायत, उम्मीदवार को नामांकन वापस लेने के लिए किया मजबूर

नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर भाजपा पर सूरत पूर्वी निर्वाचन क्षेत्र से आप उम्मीदवार कंचन जरीवाला के नामांकन पत्र को जबरदस्ती वापस लेने के लिए पुलिस और चुनाव तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
 
आप ने की चुनाव आयोग से शिकायत, उम्मीदवार को नामांकन वापस लेने के लिए किया मजबूर
आप ने की चुनाव आयोग से शिकायत, उम्मीदवार को नामांकन वापस लेने के लिए किया मजबूर नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर भाजपा पर सूरत पूर्वी निर्वाचन क्षेत्र से आप उम्मीदवार कंचन जरीवाला के नामांकन पत्र को जबरदस्ती वापस लेने के लिए पुलिस और चुनाव तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने से पहले, सिसोदिया ने पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया और भाजपा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा, मैंने चुनाव आयोग को गुजरात में व्याप्त आपात स्थिति के बारे में बताया। आम आदमी पार्टी का एक उम्मीदवार जो कल सुबह अपने नामांकन के लिए लड़ रहा था कि मैं आप का उम्मीदवार हूं और आप की ओर से चुनाव लड़ूंगा। वही भाजपा के लोग उन पर चुनाव नहीं लड़ने का दबाव बना रहे थे। बीजेपी ने उनके नामांकन में खामियां निकालने की कोशिश की लेकिन आप के उम्मीदवार कंचन जरीवाला पीछे नहीं हटे। उन्होंने बताया कि आरओ कार्यालय से बाहर निकलते ही भाजपा के गुंडों ने उनका अपहरण कर लिया।

सिसोदिया ने आगे कहा कि अगले दिन गुजरात पुलिस कंचन जरीवाला को ढूंढकर कहीं से ले आती है। उन्हें आरओ के कमरे में बिठाया गया और जबरदस्ती उनका नामांकन वापस कर दिया गया और तब से कंचन जरीवाला फिर गायब हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में ऐसा पहली बार हुआ है जब 24 घंटे पहले एक व्यक्ति जो चुनाव लड़ना चाहता था उसका भाजपा ने विरोध किया था। अचानक वह गायब हो जाता है, उसका अपहरण कर लिया जाता है और पुलिस बल के बीच उसे वापस आरओ कार्यालय लाया जाता है और उसका नामांकन वापस कर दिया जाता है और वह फिर से गायब हो जाता है।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम

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