एक बार फिर UN में फेल हुए इमरान, अब PM मोदी देंगे जवाब

 

नई दिल्ली: अक्सर अपनी हरकतों से ही अपने लिए मुसीबतें खड़ी कर लेने वाला पाकिस्तान भारत के खिलाफ जहर उगलने से बाज ही नहीं आता। भारत के खिलाफ झूठ का प्रचार कर उसे बदनाम करना हो, कभी SCO में भारत का गलत नक्शा पेश करने की बात हो या फिर भारत के कई हिस्सों पर दावा करना। पाकिस्तान भारत कोे घेरने का मौका नहीं छोड़ता। हालांकि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होती। बल्कि खुद ही पाकिस्तान अपने जाल में फंसकर उलझ जाता है। एक बार फिर पाकिस्तान के पीएम ने भारत के साथ ऐसा ही करने की कोशिश की लेकिन इस बार फिर उसकी चाल काम नहीं आई।

बता दें, इस बार पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान को संयुक्त राष्ट्र के 75वें वर्षगांठ पर महासभा में नए झूठ का सहारा लेना पड़ रहा है। इमरान की जुबान पर पाकिस्तान कम, भारत का नाम ही ज्यादा आ रहा था। पाक के स्पीच के नीचले स्तर को देखते हुए भारत ने इस स्पीच का बायकॉट किया। यूएन के असेंबली हॉल में उस वक्त मौजूद भारतीय विदेश सेवा के 2010 बैच के अफसर मिजितो विनितो उठकर बाहर चले गए। 

आखिर किन झूठे आरोपों का सहारा लेकर पाकिस्तान ने भारत को बदनाल करने की कोशिश की:
1.    उन्होंने कहा कि आरएसएस गांधी और नेहरू के सेक्युलर मूल्यों को पीछे छोड़कर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगा हुआ है।
2.    गुजरात दंगे का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 2002 के दंगे में मुस्लिमों की हत्या की गईं। कोरोनावायरस फैलाने के लिए भी मुस्लिमों को टारगेट किया गया। 
3.    असम में एनआरसी से लेकर बाबरी मस्जिद तक इमरान खान ने सिर्फ झूठ का ही सहारा लिया।
4.    वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीरी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। कई कश्मीरियों को मारा गया, पूरे राज्य में कर्फ्यू लगा दिया गया। इंटरनेशनल कम्युनिटी को इसकी जांच करने के बारे में कहा गया ।


भारत का पाकिस्तान को क़रारा जवाब
भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के इस तर्क को खारिज कर दिया कि कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में सबसे लंबे समय से विवादों में से एक है। साथ ही पाकिस्तान को आतंकवाद से निपटने के अधूरे काम पर ध्यान केंद्रित करने की भी नसीहत दी थी। इमरान खान ने 2019 में माना था कि उनके देश में 30 से 40 हजार आतंकियों के ट्रेनिंग दी गई। भारत ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और जिन इलाकों पर पाकिस्तान का कब्जा है, उसे खाली किया जाए. राइट टू रिप्लाई के तहत भारत ने पाकिस्तान को ये जवाब दिया है।

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