खुशखबरी: जल्द आने वाली है कोरोना वैक्सीन, अक्तूबर से शुरू होगा टीकाकरण अभियान!

 

रिपोर्ट : प्राची गुलियानी

नई दिल्ली : दुनियाभर में कोरोना ने अपने पैर पसार लिए है लाखों लोगों की कोरोना से मौत हो गई है, बड़ी संख्या में कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है। इसी बीच रूस की मीडिया के अनुसार, रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि कोरोना वैक्सीन सबसे पहले डॉक्टरों और शिक्षकों को दी जाएगी इनके बाद ये वैक्सीन अन्य नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी। रूस की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस की इस कोरोना संभावित वैक्सीन को इसी महीने नियामकों की मंजूरी मिल जाएगी।

इस वैक्सीन को लेकर कई रूसी विशेषज्ञ ने अपनी चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। बता दें कि उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि लोगों को कोरोना वैक्सीन देने से पहले उचित ढंग से पहले सभी के टेस्ट किए जाए। क्योंकि वैक्सीन देने से पहले व्यक्ति का टेस्ट होना जरूरी हैं। वहीं अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी फाउची ने भी इसी बात को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। वहीं उन्होंने इस बात की भी उम्मीद जताई है कि 2020 के आखिर तक कोरोना की सुरक्षित और कारगर वैक्सीन अमेरिका के पास होगी। 

आपको बता दें कि रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया इंस्टीट्यूट में बनाया गया है। इस वैक्सीन को लेकर बीते महीने भी एक रिपोर्ट आई थी जिसमे लिखा था कि रूस जल्द ही वैक्सीन को मंजूरी दे सकता है। जिसके बाद से ही वैज्ञानिकों ने 10 अगस्त या उससे पहले ही वैक्सीन की मंजूरी के लिए काम तेजी से शुरू कर दिया था। पिछले महीने की रिपोर्ट के मुताबिक यह वैक्सीन फ्रंटलाइन हेल्थकेयर के कर्मचारियों अर्थात कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले कर्मचारियों को पहले दी जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक रूस की यह वैक्सीन अभी दूसरे चरण में चल रही है। जोकि 3 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। जिसके बाद इस वैक्सीन के तीसरा चरण की तैयारी शुरू कर देंगे। इसके अलावा रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि वैक्सीन बनाने वाली टीम के परियोजना निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग ने खुद पर भी इस वैक्सीन का टेस्ट किया है।

अमेरिका की वैक्सीन की बात करें तो अमेरिका में भी वैक्सीन बनाने का काम जोरों-शोरों पर चल रहा है। अमेरिका में यह वैक्सीन मॉडर्ना कंपनी बना रही है जोकि अपने ट्रायल के अंतिम चरण में है। बता दें कि इस कोरोना वैक्सीन का परीक्षण हाल ही में 30 हजार लोगों पर शुरू किया गया है। जिसके बाद अब परिणाम का इंतजार है। उम्मीद है कि अमेरिका की यह वैक्सीन साल के अंत तक आ सकती है। इसके अलावा ब्रिटेन में भी वैक्सीन का ट्रायल अपने आखिरी चरण में है। ब्रिटेन की इस कोरोना वैक्सीन का नाम ChAdOx1 रखा गया है, जोकि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बनाई है। यूनिवर्सिटी ने दावा किया गया है कि अगर इस वैक्सीन के सारे परीक्षण सफल हो जाते है तो कोरोना की वैक्सीन इस साल के आखिर तक बाजार में उतार दी जाएगी।

भारत को लेकर वैक्सीन की बात करें तो भारत में कोरोना की वैक्सीन के दो प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इसमें आईसीएमआर और भारत बायोटेक शामिल है, जिसका नाम 'कोवैक्सीन' (Covaxin) है। बीते महीने इस वैक्सीन को लेकर दिल्ली एम्स, पटना एम्स और रोहतक पीजीआई के साथ अन्य कई जगह पर भी मानव परीक्षण किया गया था। फिलहाल में वैक्सीन कब तक बाजार में आएगी इस बात को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता ।

From around the web