अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को हराकर बाइडेन होेंगे देश के 46वें राष्ट्रपति, कहा वे रेड या ब्लू स्टेट नहीं देखते

 

नई दिल्ली : 7 नवंबर को अमेरिका में हुए चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है, जिसे वे मानने से इंकार कर रहे है। हालांकि अमेरिका में बतौर 46वें राष्ट्रपति का जिम्मा संभालने वाले जो बाइडन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप को वोट किया था, आज रात उनकी निराशा को समझता हूं। अब एक दूसरे को मौका देते हैं। कठोर बयानबाजी को पीछे छोड़कर, एक-दूसरे को फिर से देखने, एक-दूसरे को फिर से सुनने का समय है।

आपको बता दें कि जीत के बाद बाइडन ने अपने गृह राज्य डेलावेयर के विलमिंगटन में लोगों को संबोधित करते अपनी जीत का ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 7.4 करोड़ से ज्यादा अमेरिकियों ने मुझे वोट किया, जिसका मैं शुक्रगुजार हूं। उन्होंने कहा कि वे एक राष्ट्रपति के तौर पर ब्लू या रेड स्टेट नहीं देखते सिर्फ यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका को देखते हैं।

बता दें कि बाइडन के राष्ट्रपति बनने के साथ ही अमेरिका ने एक और इतिहास रचा है, वो है अमेरका की पहली महिला अश्वेत उपराष्ट्रपति का, जो भारतीय मूल के कमला हैरिस को बनाया गया है। कमला हैरिस ने अपने संबोधन मं कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने लोकतंत्र की अखंडता की रक्षा की है, अमेरिका में नए दिनों का आगाज हो गया। अमेरिका के लोगों ने जो हमारे ऊपर विश्वास जताया है उसके लिए शुक्रिया। आपने आशा, एकता, शिष्टता, विज्ञान और सत्य को चुना है। हमारे पास बेहतर भविष्य के निर्माण की शक्ति है। बाइडेन और हैरिस अगले वर्ष 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे।

आपको बता दें कि इससे पहले बाइडेन ने शनिवार को जीत के बाद ट्वीट किया कि, ‘‘अमेरिका, आपने हमारे महान देश का नेतृत्व करने के लिए मुझे चुना, इससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आगे का काम मुश्किल जरूर है लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं, मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा-भले ही आपने मुझे अपना मत दिया हो या नहीं। आपने मुझमें जो भरोसा जताया है, मैं उसे कायम रखूंगा।’’

उन्होंने कहा कि, ‘‘कई बाधाओं का सामना करते हुए बड़ी संख्या में अमेरिकी जनता ने मतदान किया। इससे एक बार फिर यह साबित हो गया है कि लोकतंत्र अमेरिका के दिल की गहराई में बसता है। बाइडेन ने कहा कि, अभियान समाप्त होने के साथ ही यह समय क्रोध और कठोर बयानबाजी को पीछे छोड़कर राष्ट्र के तौर पर एक साथ आने का है। यह अमेरिका को एकजुट करने का समय है।

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप इस परिणाम से खुश नहीं है, इसे लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर रूख किया है, अब देखना यह है कि SC इस मामले में अपना कौन सा निर्णय सुनाती है।

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