भारत की पहली ऑस्कर विजेता और कॉस्ट्यूम डिजाइनर का हुआ निधन, 91 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

 

नई दिल्ली : 1991 और 2002 में सर्वप्रथम कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भानु अथैया का आज सुबह निधन हो गया। इन्होंने 91 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। आपको बता दें कि भानु भारत की पहली ऐसी महिला है, जिन्हें ऑस्कर आवार्ड से सम्मानित किया गया। वे लंबे समय से बिमार थीं और आज उन्होंने कोलाबा स्थित मुंबई के घर में अपनी आखिरी सांस ली।

भानु अथैया की बेटी राधिका गुप्ता ने अपनी मां की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि, "मां को साल 2012 में ब्रेन ट्यूमर हुआ था, लेकिन‌ उन्होंने उस वक्त अपनी बीमारी की सर्जरी कराने से इनकार कर दिया था। ऐसे में 2015 में वो लकवे का शिकार हो गयीं और वो तभी से चलने-फिरने की हालत में नहीं थीं। मां की मौत आज सुबह उस वक्त हुई जब वो नींद में थीं। मौत के वक्त उनके चेहरे पर एक किस्म की शांति थी।" आपको बता दें कि आज दोपहर में चंदनवाड़ी शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

बता दें कि भानु अथैया पहली ऐसी भारतीय शख्सियत थीं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिये जानेवाले अवॉर्ड ऑस्कर से नवाजा गया था। 'गांधी' के लिए एक कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के तौर पर उन्होंने जॉन मोलो के साथ सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइनर का ऑस्कर अवॉर्ड साझा किया था। इस फिल्म को कुल आठ ऑस्कर अवॉर्ड से नवाजा गया था। रिचर्ड एंटनबरो की विश्वविख्यात फिल्म 'गांधी1982 में‌ रिलीज हुई थी।

अगर हम इनके हिंदी फिल्म करियरल की बात करें तो इनके करियर की शुरूआत बतौर कॉस्ट्यूम डिजाइनर गुरू दत्त द्वारा निर्देशित और 1956 में आई फिल्म 'सीआईडी' से अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने गुरू दत्त की 'प्यासा', 'चौदहवीं का चांद' और 'साहिब बीवी और गुलाम' के लिए भी कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग की थी। इसके साथ ही उनके अंतिम फिल्मों में 2001 में रिलीज हुई 'लगान' और 2004 में रिलीज हुई 'स्वदेश' भी शामिल है, जिन्हें निर्देशित जाने-माने निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने कीं थीं। इसके लगभग 10 साल बाद उन्होंने मराठी फिल्म 'नागरिक के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किये थे, जो उनकी आखिरी फिल्म थी।

आपको बता दें कि गुरू दत्त के अलावा भानु अथैया ने अपने दौर के ज्यादातर प्रतिष्ठित फिल्मकारों के साथ काम किया, जिनमें यश चोपड़ा, बी आर चोपड़ा, विजय आनंद जैसे कई नामों का शुमार रहा।

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