साल में दो बार अपना जन्मदिन मनाते है अमिताभ बच्चन, जानिए क्या है वजह

 

नई दिल्ली : रिश्ते में हम तो तुम्हारे बाप लगते है लेकिन मेरा नाम हैं शहंशाह, डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, ये डॉयलॉग है बॉलीवुड के शहंशाह यानी अमिताभ बच्चन। जिन्होंने अपने अभिनय से कई फिल्मों को जीवंत किया। आपको बता दें कि अमिताभ का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था। जिनके पिता हरिवंश राय बच्चन साहित्यिक और कवि थे, वहीं उनके मां तेजा बच्चन एक गृहिणी थी।

आपको बता दें कि अमिताभ का नाम पहले इंकलाब रखा गया था, क्योंकि जिस समय अमिताभ का जन्म हुआ था, उस समय देश में क्रांति की लहर दौड़ चल रहीं थी। बता दें कि अमिताभ बच्चन शेरवुड कॉलेज, नैनीताल के छात्र रहे हैं। इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोरीमल कॉलेज से की ।  पढ़ाई में वे काफी अव्‍वल थे और कक्षा के अच्‍छे छात्रों में उनकी गिनती होती थी। अमिताभ बच्चन की शादी जया बच्चन से हुई जिनसे उन्हें दो बच्चे हैं, पुत्र अभिषेक बच्चन और पुत्री श्वेता नंदा। अभिषेक जहां बॉलीवुड में बतौर एक्टर है, वहीं श्वेता एक इंडियन ऑथर, जर्नलिस्ट, होस्ट औऱ फॉर्मर मॉडल है, जिनकी शादी एस्कॉर्ट  ग्रुप बिजनेसमैन निखिल नंदा से हुई, जो बॉलीवुड एक्टर एण्ड डायरेक्टर राज कपूर की बेटी रितु नंदा के बेटे से हुई थी। वहीं अभिषेक बच्चन की शादी बॉलीवुड की दिलकश अदाकार ऐश्वर्या रॉय से हुई, जो पूर्व मिस वर्ल्ड भी है, जिनसे उन्हें एक बेटी है जिनका नाम अऱाध्या है।

आपको बता दें कि अमिताभ की सबसे पहली फिल्म सात हिन्दुस्तानी हैं, जो 1969 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने रेशमा और शेरा में काम किया, जो फिल्म कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। इसके बाद उन्हें असली पहचान फिल्म 'जंजीर' से मिली, इस फिल्म के बाद अमिताभ को बॉलीवुड में एंग्री यंग मैन के नाम से भी जाना जाने लगा, जिन्होंने 70 और 80 के दशक में बॉलीवुड में अपना कब्जा जमाया। दो दशक तक लगातार बॉलीवुड पर अपना वर्चस्व रखने की वज़ह से फ्रेंच डायरेक्‍टर फ़्राँस्वा त्रुफ़ो ने उन्‍हें 'वन मैन इंडस्‍ट्री' तक करार दे दिया। उस समय उनकी फिल्‍में काफी अच्‍छा बिजनेस कर रही थीं कि तभी अचानक 26 जुलाई 1982 को कुली फिल्‍म की शूटिंग के दौरान उन्‍हें गंभीर चोट लग गई।

दरअसल, फिल्‍म के एक एक्‍शन दृश्‍य में अभिनेता पुनीत इस्‍सर को अमिताभ को मुक्‍का मारना था और उन्‍हें मेज से टकराकर जमीन पर गिरना था। लेकिन जैसे ही वे मेज की तरफ कूदे, मेज का कोना उनके आंतों में लग गया जिसकी वजह से उनका काफी खून बह गया और स्‍थिति इतनी गंभीर हो गई कि ऐसा लगने लगा कि वे मौत के करीब हैं लेकिन लोगों की दुआओं की वजह से वे ठीक हो गए। इसके बाद से अमिताभ 2 दिसम्बर को भी अपना जन्मदिन मनाने लगे। क्योंकि यह उनका दूसरा जन्म था।

आपको बता दें कि इस फिल्म के बाद अमिताभ ने फिर फिल्म शहंशाह से वापसी की जो सुपर हिट हुई। इसके बाद उनके अग्निपथ में निभाए गए अभिनय को भी काफी सराहा गया और इसके लिए उन्‍हें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार भी मिला लेकिन उस दौरान बाकी कई फिल्‍में कोई खास कमाल नहीं दिखा स‍कीं।

2000 में आई मोहब्‍बतें उनके डूबते करियर को बचाने में काफी मददगार साबित हुई और इसमें उनके अभिनय को काफी सराहा गया। इसके बाद उन्‍होंने कई फिल्‍मों में काम किया जिसे आलोचकों के साथ साथ दर्शकों ने भी काफी पसंद किया। 2005 में आई फिल्‍म 'ब्‍लैक' में उन्‍होंने शानदार अभिनय किया और उन्‍हें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार से एक बार फिर सम्‍मानित किया गया। फिल्‍म पा में उन्‍होंने अपने बेटे अभिषेक बच्‍चन के ही बेटे का किरदार निभाया। फिल्‍म को काफी पसंद किया गया और एक बार फिर उन्‍हें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार से नवाजा गया। वे काफी लंबे समय से गुजरात पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर भी हैं।

इसके साथ ही उन्‍होंने टीवी की दुनिया में भी बुलंदियों के झंडे गाड़े हैं और उनके द्वारा होस्‍ट किया गया केबीसी बहुत पॉपुलर हुआ। आपको बता दे कि अमिताभ ने शोले, कभी खुशी कभी गम, मर्द, मोहब्बतें, कांटें जैसे कई फिल्मों में काम किया और अपना परचम बुलंद कर दिया।

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