आखिरकार यह है तो खेल ही : टी20 विश्व कप में हार के बाद प्रशंसक खुदको दे रहे सांत्वना

नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। आखिर, यह सिर्फ एक खेल है! जब भी पाकिस्तान क्रिकेट टीम कोई बड़ा टूर्नामेंट या मैच हारती है, तो भारतीय प्रशंसक खुद को सांत्वना देते हैं। यह पड़ोसी देश के लिए भी कहा जा सकता है, क्योंकि दोनों देशों के लिए क्रिकेट हर चीज से सबसे ऊपर है। चाहे वह भोजन, शिक्षा, नौकरी या भ्रष्टाचार हो, सबसे आगे क्रिकेट खेल को माना जाता है।
 
आखिरकार यह है तो खेल ही : टी20 विश्व कप में हार के बाद प्रशंसक खुदको दे रहे सांत्वना
आखिरकार यह है तो खेल ही : टी20 विश्व कप में हार के बाद प्रशंसक खुदको दे रहे सांत्वना नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। आखिर, यह सिर्फ एक खेल है! जब भी पाकिस्तान क्रिकेट टीम कोई बड़ा टूर्नामेंट या मैच हारती है, तो भारतीय प्रशंसक खुद को सांत्वना देते हैं। यह पड़ोसी देश के लिए भी कहा जा सकता है, क्योंकि दोनों देशों के लिए क्रिकेट हर चीज से सबसे ऊपर है। चाहे वह भोजन, शिक्षा, नौकरी या भ्रष्टाचार हो, सबसे आगे क्रिकेट खेल को माना जाता है।

खैर, क्रिकेट के दीवाने देश भारत की बात करते हैं, यहां के लोग अब इंग्लैंड के खिलाफ आईसीसी टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम 10 विकेट से शर्मनाक हार के बाद अपने आपको शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस हार ने न केवल मेन-इन-ब्लूज का सपना, बल्कि लाखों प्रशंसकों का भी सपना तोड़ दिया।

टी20 विश्व कप में भारत की पराजय के बारे में क्रिकेट विशेषज्ञों/पंडितों द्वारा विश्लेषण पहले ही किया जा चुका है.. कुछ ने कहा कि टीम में बदलाव की जरूरत है, तो कुछ ने कहा कि रोहित को समय दिया जाना चाहिए। लेकिन अगला टी20 विश्व कप 2024 में है, इसलिए रोहित, विराट कोहली और समान उम्र के अन्य कई वरिष्ठ क्रिकेटरों की उम्र को देखते हुए किसी भी मामले में टीम नई होगी।

अब मूल रूप से यह सवाल उठता है कि क्या टीम इंडिया के प्रशंसक ज्यादा मांग करते हैं? या वास्तव में उस टीम से विश्वास करना और स्वीकार करना सही है जिसके पास सब कुछ है : प्रसिद्धि, नाम, आईपीएल, पैसा, विदेशी दौरे। ठीक उसी तरह जैसे दिमाग पर कोई दबाव नहीं होता, जो कि अन्य विषयों के अधिकांश एथलीटों के दिमाग में होता है।

एक पूर्व क्रिकेटर ने नाम न जाहिर न करने की शर्त पर कहा, जीतना और हारना खेल का हिस्सा है, लेकिन अपमान एक ऐसी चीज है जो वास्तव में हर किसी का दिल तोड़ देती है। हां, हर मैच जीतना मुश्किल होता है, लेकिन लड़ने की भावना होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान की तरफ देखो, वे हर मैच में लड़ने की भावना दिखाते हैं। उनके लिए यह हमेशा करो या मरो का खेल होता है, जबकि हमारे खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में इसे लापरवाही से लिया। उनसे सवाल पूछे जाने चाहिए, लेकिन इसे पेशेवर रूप से करने की जरूरत है, किसी भी व्यक्तिगत हमले से हमारी टीम को फायदा नहीं होगा।

टीम इंडिया के असफलता के डर के रवैये की प्रबंधन द्वारा ठीक से जांच करने की जरूरत है और भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंटों के लिए एक योजना बनाई जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर क्रिकेट के दीवाने इस समय भारतीय क्रिकेटरों के प्रदर्शन को लेकर गुस्साए हुए हैं। कोई भी कल्पना कर सकता है कि खिलाड़ियों पर क्या बीत रही होगी, क्योंकि वे क्या महसूस कर रहे हैं] यह सिर्फ वही जानते हैं। लेकिन जब उन्हें उम्मीद से ज्यादा प्यार मिल जाता है तो नफरत भी लाजमी है।

नए क्रिकेटरों को मानसिक मजबूती पर सलाह देने वाले एक डॉक्टर ने एजेंसी को बताया कि प्रशंसकों को यह समझने की जरूरत है कि जरूरत से ज्यादा कुछ भी अच्छा नहीं होता। प्यार हो या नफरत। विदेशी टीमों इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को देखें।

उन्होंने कहा, उनके अपने देशों में उनके प्रशंसक भी हैं। लेकिन वे इसे सिर्फ एक खेल के रूप में देखते हैं। उनके लिए कोई धर्म या कुछ और नहीं। हम भारतीय या पाकिस्तानी इसे युद्ध का मैदान बनाते हैं। मीडिया कहानियों को खोदकर देखता है कि क्या दिलचस्प और आंख- कैचिंग हेडलाइंस दी जाएंगी। हम इसे क्रिकेट से ज्यादा बनाते हैं, और फिर अगर हमारी टीम हार जाती है, तो हम अपना आपा खो देते हैं। इसलिए हार को स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है।

अंत में, पाकिस्तान रविवार को टी20 विश्व कप के फाइनल में हार गया और अब तक प्रशंसक इंग्लैंड के खिलाफ उनकी लड़ाई की भावना की प्रशंसा कर रहे हैं। एक ने ट्विटर पर लिखा, बधाई हो इंग्लैंड, पाकिस्तान को मुबारकबाद।

--आईएएनएस

आरजे/एसजीके

From around the web