क्या डबल मास्क CoronaVirus से बचा रहा है? जानें कौन-सा मास्क पहले पहनना है, और क्या करना है...

 
क्या डबल मास्क CoronaVirus से बचा रहा है? जानें कौन-सा मास्क पहले पहनना है, और क्या करना है...

नई दिल्ली: भारत में कोरोना की इस लहर ने सभी को झकझोर दिया है। आए दिन लाखों की संख्या में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक तरफ देश में कोरोना के आंकड़ों को देख दहशत का माहौल है वहीं दूसरी ओर वैक्सीनेशन का काम भी लगातार जारी है। पिछले साल से ही महामारी से बचने के लिए कुछ नियम लागू कर दिये गये थे जिसमें हाथों को लगातार सैनिटाइज करना व मास्क पहनना शामिल था। बिना मास्क के तो अब कोई भी अपने घर से बाहर निकलने को वैसे ही तैयार नहीं है।

केंद्र सरकार भी लगातार देशवासियों से मास्क पहननने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए कह रही है। इस बीच इन दिनों दो मास्क पहनकर घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। तो चलिए आखिर जानते है कि डबल मास्किंग की इस तकनीक के पीछे क्या है वैज्ञानिक तर्क, और क्या डबल मास्क पहनना सच में महामारी से बचा रहा है या नहीं?

दरअसल, वैज्ञानिकों के मुताबिक, दो मास्क पहनने से इस खतरनाक बीमारी को दूर रखा जा सकता है। इन्हें सही तरह से पहनने से मास्क मिलकर हवा के लीकेज से बचाते है और चेहरे पर पड़ने वाले दबाव को भी मैनेज करते हैं।

अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, “डबल मास्क पहनना- कपड़े वाले और सर्जिकल या डिस्पोजेबलकोरोनावायरस का एक्सपोजर 95 फीसदी तक कम कर देते हैं।हालांकि, सीडीसी ने इन्हें सही तरह से पहनने का तरीका भी बताया है।

सही तरीके से मास्क पहनने पर कितना बच सकते है आप?

अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सीधे तरह से सर्जिकल मास्क पहनने से कफ की छींटों से सिर्फ 56.1 फीसदी ही बचाव होता है, जबकि कपड़े का मास्क इससे सिर्फ 51.4 फीसदी ही बचाव कर पाता है। वहीं दूसरी तरफ मास्क को गांठ लगा कर पहनने से कफ की छीटों से 77 फीसदी तक बचाव होता है। वहीं, एक कपड़े का मास्क और सर्जिकल मास्क एक साथ पहनने से संक्रामक कणों से 85.4 फीसदी तक बचाव हो सकता है।

कैसे सही तरह से पहनें मास्क ?

 डबल मास्क पहनने के बाद इसे लगाने वाले को ठीक से सांस लेने का अभ्यास भी कर लेना चाहिए। दरअसल, डबल मास्क कभी-कभी ज्यादा टाइट भी हो जाता है, ऐसे में लोगों को बाहर जाने से पहले घर पर ही मास्क पहनकर थोड़ी देर चलना चाहिए, ताकि वे अपने अनुसार फिटिंग और आराम तय कर सकें। सही तरह से की गई डबल मास्किंग बोलने के लिए भी ज्यादा आसानी देता है।

मास्क पहनने में भूलकर भी ना करें ये गलती -

 दो मास्क पहनने में सिर्फ सर्जिकल या डिस्पोजेबल मास्क का ही इस्तेमाल करें। डबल मास्किंग के लिए एन-95 मास्क को शामिल न करें। साथ ही मास्क पर किसी तरह के केमिकल डिसइन्फेक्टेंट जैसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसके अलावा अगर मास्क कुचला या गंदा लग रहा है तो इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

कौन सा मास्क पहनना है सबसे सहीं

कोरोना से बचाव के लिए लोगों को ऐसा मास्क बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए, जो चेहरे पर फिट न हो या ज्यादा टाइट या ज्यादा ढीला हो। मास्क से हवा ऊपर के रास्ते निकल रही है तो मास्क की फिटिंग बेहतर है। इसके अलावा अगर मास्क पहनकर तेजी से सांस ली जाए और हवा का दबाव आंखों पर पड़े तो इसका मतलब है कि डबल मास्किंग में भी हवा का फ्लो ठीक बना है।

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