विदेशियों को दीवाना बनाने के लिए निकल चुका बनारसी सांबा

 

वाराणसी: केंद्र सरकार के नए किसी कारण के खिलाफ किसान पिछले 22 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार अपने 3 नए किसी कानून को खत्म करें। लेकिन सरकार इन तीन नए कानूनों को खत्म करने के मूड में नहीं है। सरकार के नुमाइंदों का कहना है कि इन तीन कृषि कानून से किसानों को खासा लाभ मिलेगा फिलहाल सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर जारी है जिसका नतीजा कुछ भी हो सकता है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा पर केंद्र सरकार और यूपी की सरकार पूर्वांचल के किसानों की जिंदगी में तरक्की की नई इबारत लिख रही है पहले ओमान लंदन जैसे यूरोपीय और दुबई जैसे खाड़ी देशों में फल और सब्जी का निर्यात शुरू हुआ तो अब विदेशी धरती पर भी बनारसी सांबा चावल और चंदौली का काला चावल विदेशियों को दीवाना बनाने के लिए निकल चुका है।

बुधवार को पहली खेप के रूप में विधिवत 520 मीट्रिक टन सांभा प्रजाति के चावल का निर्यात कतर की राजधानी दोहा में किया गया. यही नहीं करीब 12 मीट्रिक टन चंदौली के काले चावल को भी भेजा गया. कमिश्नर दीपक अग्रवाल और एपीडा के चेयरमैन डॉ एम अंगामुथु ने विधिवत हरी झंडी दिखाकर किसानों की उपज को विदेश भेजा।

यही नहीं, किसानों की तरक्की के लिए वाराणसी में तमाम सुविधाओं से लैस कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा का क्षेत्रीय कार्यालय भी खोला जा चुका है. ये कार्यालय कचहरी के कंपनी बाग स्थित मंडलीय उदयान कार्यालय में खोला गया है. यहां से न केवल यूपी बल्कि बिहार समेत पूर्वी उत्तर भारत के दूसरे राज्यों के किसानों को निर्यात समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
 

 

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