आईआईटी कानपुर के शोधकर्ता ने एसी को एयर प्यूरीफायर में बदलने की तकनीक विकसित की

कानपुर, 18 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के शोधकतार्ओं की एक टीम ने एक नई तकनीक विकसित की है, जो एसी को किफायती एयर प्यूरीफायर में बदल देती है।
 
आईआईटी कानपुर के शोधकर्ता ने एसी को एयर प्यूरीफायर में बदलने की तकनीक विकसित की
आईआईटी कानपुर के शोधकर्ता ने एसी को एयर प्यूरीफायर में बदलने की तकनीक विकसित की कानपुर, 18 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के शोधकतार्ओं की एक टीम ने एक नई तकनीक विकसित की है, जो एसी को किफायती एयर प्यूरीफायर में बदल देती है।

एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बेंगलुरु के शोधकतार्ओं ने एक एंटी-माइक्रोबियल वायु शोधन तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोग एयर फिल्टर द्वारा किया जाता है।

अंकुश शर्मा, प्रोफेसर-इन-चार्ज, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन, आईआईटी कानपुर ने एक बयान में कहा, इन एयर फिल्टर में उपयोग की गई नई वायु शोधन तकनीक ने हमें जानलेवा वायरस से बचाने की दिशा में अपनी दक्षता को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है। यह नवाचार अनुसंधान एवं विकास कार्य आईआईटी कानपुर में शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्दियों में, आईआईटी कानपुर के इस अभिनव एयर फिल्टर सिस्टम से लैस एक एयर कंडीशनर 99 प्रतिशत फिल्ट्रेशन दक्षता के साथ हवा को शुद्ध कर सकता है।

अमिताभ बंद्योपाध्याय, सह-प्रोफेसर-इन-चार्ज, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन, आईआईटी कानपुर ने एक बयान में कहा, इस स्वदेशी क्रांतिकारी नवाचार में वैश्विक बाजार में सफल होने की जबरदस्त क्षमता है। यह लॉन्च दुनिया की महत्वपूर्ण समस्याओं को पूरा करने वाली तकनीक का संकेत है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नए प्रकार का एयर फिल्टर माइक्रोबियल विकास को प्रतिबंधित करने के लिए साबित हुआ है और पीएम 2.5, पीएम 10, धूल, पराग, एलर्जी और हवा से कीटाणुओं को शुद्ध करने में सक्षम है।

--आईएएनएस

पीजेएस/एएनएम

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