राखी बांधते समय बहनें करें इस मंत्र का उच्चारण भाई की उम्र होगी लंबी

 

रिपोर्ट : रितिका आर्या

नई दिल्ली : कल यानी 3 अगस्त रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। यह त्यौहार हिंदू धर्म के प्रमुख मुख्य त्योहारों में से एक है। इस त्यौहार को भाई-बहन के रिश्ते के प्रतीक के रूप में माना जाता है। रक्षाबंधन में बांधी जाने वाली राखी भाई-बहन के रिश्ते का अटूट, बेइंतहा प्यार, त्याग और समर्पण को दर्शाती है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या फिर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की मनोकामना करती है तो वहीं, भाई इसके बदले अपनी बहनों को भेंट स्वरूप तोहफे या पैसों पैसे देते हैं और उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं।

क्या है रक्षा बंधन का महत्व

दिवाली और होली की तरह है रक्षाबंधन का त्योहार उत्तर भारत के उन प्रमुख त्योहारों में से एक है जिन्हें पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार पुरातन काल से मनाया जा रहा है जो भाई-बहन के अटूट रिश्ते को दर्शाता है। इस त्योहार पर भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी दोनों के अटूट प्रेम को दर्शाती है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में इस व्यवहार को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है।

ये है राखी बांधने की सही विधि

* राखी की थाली सजाएं। इस थाली में कुमकुम, अक्षत, रोली, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी को स्थापित करें।

* अब अपने भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधे।

* इसके बाद अपने भाई की आरती उतारें।

* अब भाई का मुंह मीठा कराएं।

* यदि भाई आपसे बड़ा है तो आप चरण स्पर्श करें। वहीं अगर बहन बड़ी है तो भाई को चरण स्पर्श करना चाहिए।

* राखी बांधते वक्त इस मंत्र का उच्चारण करें :

ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

From around the web