शारदीय नवरात्र 2020 : शैलपुत्री मां की करें ऐसे पूजा, जानिए कैसे माता होंगी खुश

 

नई दिल्ली : माता रानी का आगमन 17 अक्टूबर 2020 को होने वाला है, जिसे लेकर सभी भक्तजन उल्लासपूर्ण तैयारी में लगे है। आपको बता दें कि इस साल यह नवरात्रि 9 दिनों का होगा, जिससे इसका समापन 25 अक्टूबर 2020 को होगा। आपको बता दें कि 17 अक्टूबर को माता रानी के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होनी है, जिस दिन मां शैलपुत्री अपने भक्तजनों पर आशीर्वाद बरसायेगी। अगर आप भी चाहते हैं कि मां शैलपुत्री आप पर भी अपनी कृपा बरसाएं, तो आप इस प्रकार करें मां शैलपुत्री की पूजा।

मां शैलपुत्री की पूजा विधि:

सबसे पहले मां शैलपुत्री की तस्वीर स्थापित करें और उसके नीचे लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। इसके ऊपर केशर से शं लिखें और उसके ऊपर मनोकामना पूर्ति गुटिका रखें। इसके बाद हाथ में लाल पुष्प लेकर शैलपुत्री माता का ध्यान करें और मंत्र बोलें।

मंत्र:

'ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ओम् शैलपुत्री देव्यै नम:।'

(मंत्र के साथ ही हाथ के पुष्प मनोकामना गुटिका व मां की तस्वीर के ऊपर छोड दें।)

इसके बाद आप माता को प्रसाद अर्पित करें और मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें।

मंत्र - 'ऊँ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।' (इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें)।

स्रोत पाठ :

'प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागर: तारणीम।

धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यम॥

त्रिलोजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान।

सौभाग्यरोग्य दायनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम॥

चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह: विनाशिन।

मुक्ति भुक्ति दायनीं शैलपुत्री प्रमनाम्यहम॥'

माता की उपासना के लिए मंत्र:

'वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम।

वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम॥'

नवरात्र में ऐसे करें पूजा :

नवरात्र में सुबह ब्रहम मुहूर्त में उठकर शुद्घ जल से स्नान करें। इसके बाद घर के किसी पवित्र स्थान पर स्वच्छ मिटटी से वेदी बनाएं। वेदी में जौ और गेहूं दोनों को मिलाकर बोए। वेदी के पास धरती मां का पूजन कर वहां कलश स्थापित करें। इसके बाद सबसे पहले प्रथमपूज्य श्रीगणेश की पूजा करें। फिर वेदी के किनारे पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देवी मां की प्रतिमा स्थापित करें। मां दुर्गा की कुमकुम, चावल, पुष्प, इत्र इत्यादि से विधिपूर्वक पूजा करें। इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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