जानिए कब है करवा चौथ और क्या है शुभ मुहूर्त, करें इस मंत्र का उच्चारण

 

नई दिल्ली : सालों भर सुहागिनें जिस व्रत का इंतजार करती हैं, वो बहुत जल्द आने वाला है, जो 4 नवंबर को आयेगा। आपको बता दें कि वैसे तो सुहागिनें ऐसे कितने व्रत करते है, जो वे अपने पति की लंबि उम्र और स्वस्थ्य जीवन के लिए करते है। और यह व्रत भी उनमें से एक है, जिसका नाम करवा चौथ है। आपको बता दें कि करवा चौथ हर साल कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन पड़ता है। यह पर्व पति-पत्नी के पावन रिश्ते को अधिक मजबूत करने वाला त्योहार है।

अगर हम करवा चौथ के शुभ मुहूर्त की बात करें तो, इस साल करवा चौथ व्रत पर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:29 बजे से 6:48 बजे तक का रहेगा। इस दिन चंद्रोदय रात 8:16 बजे पर होगा। आपको बता दें कि आप इस दिन सुबह-सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। संकल्प लेने के लिए इस मंत्र का जाप करें-

‘‘मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये कर्क चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये

बता दें कि इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा सारगी भी है, जो एक भोजन की थाली होता है, जिसे सास अपनी बहू को देती है। बहू सरगी को प्रसाद समझ ग्रहण करने के बाद ही करवा चौथ का व्रत रखती है। यदि आपके घर में सास नहीं है तो जेठानी या बड़ी ननद या कोई भी बुजुर्ग महिला इसे दे सकती है। सरगी खाने का खास मकसद पूरा दिन व्रत के दौरान बॉडी में एनर्जी लेवल मेंटन करना है।

आपको बता दें कि सरगी में मिठाइयां, मठरी, सेवइयां या फ़िरनी, कढ़ी और एक गिलास जूस या नारियल का पानी, सूखे मेवे, नारियल, पूरी या परांठे शामिल करना चाहिए। बता दें कि फल बहुत जल्दी पच जाते हैं लेकिन कम समय में जरूरी पोषण और ऊर्जा के लिए ये जरूरी हैं। रोटी के साथ हरी सब्जी और सलाद जरूर लें, यह भी दिन भर ऊर्जा देने के साथ ही पोषण की आपूर्ति करेगा।

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