कोरोना के कहर के बीच इस दिन से शनिदेव की उल्टी चाल शुरु, जानें किस राशि में पड़ेगा भारी संकट

 
कोरोना के कहर के बीच इस दिन से शनिदेव की उल्टी चाल शुरु, जानें किस राशि में पड़ेगा भारी संकट

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में हर दिन का विशेष महत्व माना जाता है और प्रत्येक दिन किसी ना किसी भगवान को समर्पित किया गया है। ऐसे ही शनिवार का दिन भी भगवान शनि देव का माना गया है। शनिदेव, सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार शनि दशाओं का बड़ा महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव की महादशा के समय व्यक्ति को उसके किए गए कर्मों के अनुसार फल मिलता है। यानि अच्छे कर्म करने वालों को अच्छा फल और बुरे कर्म करने वालों को दंड मिलता है।

वैसे शनि देव की मेहरबानी जिसकी राशि में होती है उसका भाग्य चमकने से कोई नहीं रोक सकता लेकिन इससे इतर जब शनि खुद वक्री हो जाते हैं यानी उल्टी चाल चलने लगते हैं तो वे खुद पीड़ित हो जाते हैं जिस कारण शनिदेव शुभ फल नहीं दे पाते। और आज से ठीक 1 महीने बाद यानि 23 मई को शनि वक्री होने जा रहे हैं। तो चलिए जानते है इसका किसपर कैसा असर होने वाला है-

23 मई 2021 रविवार की दोपहर 02.50 मिनट पर शनि वक्री हो जाएंगे और उल्टी चाल चलने लगेंगे, और करीब 5 महीने तक शनि इसी वक्री पोजिशन में रहेंगे और फिर कहीं जाकर 11 अक्टूबर 2021को शनि फिर से मार्गी होंगे या सीधी चाल चलेंगे। इस साल 2021 में शनि कोई राशि परिवर्तन नहीं करने वाले हैं क्योंकि शनि एक राशि में लगभग ढाई साल तक गतिशील रहते हैं।

धनु, मकर और कुंभ इन तीन राशि वालों पर शनि की इस उल्टी चाल का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला है, क्योंकि इन तीनों ही राशियों पर शनि की साढ़साती चल रही है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जिन राशि वालों पर शनि दी। शनि मंत्रों का जाप करें, शनि से जुड़ी चीजों का दान करें, बुजुर्गों का सम्मान करें, पीपल के पेड़ के पास दीया जलाएं।

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