कैसे बनाई जाती है ? मां गौरी की पूजा के बाद बंटने वाले प्रसाद साबूदाना की खिचड़ी

 

नई दिल्ली : नवरात्र आने में महज 10 दिन शेष है, उससे पहले ही भक्तजन मां दुर्गा के स्वागत को लेकर तरह-तरह की तैयारियां कर रहे है। मां के लिए साड़ियां खरीद रहे है, रंग-बिरंगी चूड़ियां और श्रृंगार का समान खरीद रहे है। लेकिन उससे पहले जो भक्तजन इस साल मां दुर्गा की पूजा करने वाले है या जो श्रद्धालुजन मां गौरी की पूजा के बाद बंटने वाले प्रसाद साबूदाना की खिचड़ी नहीं बनाते हैं या उसके रेसिपी के बारे में नहीं जानते है, आज हम उनके लिए आपको साबूदाने के खिचड़ी की रेसिपी बताएंगे।

सामग्री :- साबूदाना, मूंगफली, कढ़ीपत्ता, सेंधा नमक, साबुत लाल मिर्च, हरी मिर्च, नींबू का रस, घी, जीरा

विधि :- सबसे पहले साबूदाना को पानी से साफ करके पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। और जब यह अच्छे से भीग जाए तो इसमें से पानी छान लें। उसके बाद एक पैन में घी गर्म करें. उसमें जीरा, लाल मिर्च और कढ़ी पत्ते को तड़का लगाएं। अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना, नमक, मूंगफली और मिर्च पाउडर डालें। इसे अच्छे से मिक्स करें। फिर, 5 मिनट पकाने के बाद गैस को बंद कर दें और इसमें नींबू का रस मिलाएं और गर्मागर्म सर्व करें।

आपको बता दें कि इस साल नवरात्रि 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक है, जो 9 दिनों का होता है। इन नौ दिनों मां की पूजा बहुत धूम धाम से की जाती है। 24 अक्टूबर को अष्टमी मनाई जाएगी, जो नवरात्रि का आठवां दिन होता है। आठवें दिन मां गौरी की पूजा के बाद बंटने वाले प्रसाद में साबूदाना की खिचड़ी बनाई जाती है, जो लोग आठवें दिन कंजका खिलाते हैं। बता दें कि व्रत में सबसे ज्यादा लोग साबूदाने का सेवन करते हैं, इसमें स्टार्च की मात्रा अधिक होती है, जो आपका पेट लंबे समय तक भरा रखती है। हल्के मसालों में तैयार किया गया सागो या साबूदाना नवरात्रि में खाया जाता है। नवरात्रि के दौरान साबूदाने की खिचड़ी खूब चाव से खाई जाती है।

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