धनतेरस पर गलती से भी न खरीदें मां लक्ष्‍मी की ऐसी मूर्ति, घर पर आती है नकारात्मकता

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

14 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा जिसका हिंदू धर्म में काफी महत्व है। इस दिन का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। हालांकि कोरोना वायरस के कारण इस बार दीपावली पर पहले जैसी धूम देखने को नहीं मिल रही है लेकिन बावजूद इसके लोगों में उत्साह बरकरार है। दीपावली से पहले मनाए जाने वाला धनतेरस का पर्व भी खास महत्व रखता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान प्रकट होते हैं। अपने जन्म के दौरान धन्वंतरि अपने साथ हाथों में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। जिसकी वजह से धनतेरस पर बर्तन और आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन खरीदी गई चीजें आपको हमेशा धनवान बनाए रखती है साथ ही आपको कभी भी पैसों से जुड़ी दिक्कतें नहीं होने देती। तो वहीं धनतेरस के दिन दिवाली के दिन होने वाली लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के लिए मूर्तियां खरीदने का विधान है लेकिन क्या आप जानते हैं धनतेरस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदी समय को कुछ चीजों का ख्याल रखना चाहिए वरना आपको दिवाली पर खुशहाली की बजाय कंगाली का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं आपको दिवाली पर माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीद से समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

मूर्ति खरीदने से पहले देख लें ये चीजें

धनतेरस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय इस बात का खास खयाल रखे की मूर्ति में माता लक्ष्मी खड़ी मुद्रा में ना हो। अन्यथा ऐसी मूर्ति आपके जीवन में कंगाली ला सकती है। हमेशा उस मूर्ति की खरीदारी करनी चाहिए जिसमें माता लक्ष्मी बैठी हुई हो साथ ही मां के हाथों से सीक्के गिर रहें हो। ऐसी तस्वीर या मूर्ति लेने से भी बचना चाहिए जिससे सिक्के जमीन पर गिर रहे हो। हमेशा ऐसी मूर्ति या तस्वीर लें जिसमें माता लक्ष्मी के हाथों से गिर रहे सिक्के किसी पात्र में बरस रहे हो।

ऐसी मूर्ति या प्रतिमा भूलकर भी न खरीदें

धनतेरस के दिन घर में कभी भी मां लक्ष्‍मी का अकेला चित्र या फोटो नहीं रखना चाहिए। मां लक्ष्‍मी को हमेशा गणेशजी या फिर देवी सरस्‍वती के साथ ही पूजना चाहिए। ऐसा करने से मनुष्‍य के जीवन में धन और विद्या एक साथ आते हैं और उसका कल्‍याण होता है। इसके अलावा जो भी मूर्ति या तस्‍वीर लगाएं उसमें माता लक्ष्‍मी का स्‍वरूप हमेशा मुस्‍कुराते हुए ही होना चाहिए। अग‍र वह किसी चित्र या मूर्ति में क्रोधित रूप में चित्रित की गई हों तो ऐसी तस्‍वीर ना लें। मान्‍यता है कि ऐसी तस्‍वीर और मूर्ति जीवन में कंगाली लेकर आती है।

लक्ष्‍मीजी और गणेशजी की मूर्ति में यह जरूर देखें

धनतेरस पर घर में हमेशा ऐसी लक्ष्‍मी जी की मूर्ति या चित्र लाएं जिसमें उनके साथ गणेशजी भी हों। गणेशजी हमेशा लक्ष्‍मी जी के दाहिने हों। यदि चित्र में विष्णुजी हैं तो वह लक्ष्मीजी के बाएं होने चाहिए। ध्‍यान रखें अगर आप इस दिन यदि आप सोने या चांदी की लक्ष्‍मी मूर्ति नहीं खरीद पा रहे हैं तो पीतल या अष्‍ट धातु की मूर्ति खरीदें और इसे मंदिर में स्‍थापित करें। इससे देवी लक्ष्‍मी की कृपा म‍िलती है और जीवन में कभी भी धन-धान्‍य की कमी नहीं होती।

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