चाणक्य नीति: इन लोगों के बीच से कभी न निकले, हो सकता है खतरनाक

 
रिपोर्ट : सौरभ सिंह 

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य ने दुनिया भर को अपने गूढ़ अनुभव और ज्ञान के आधार पर ऐसी तमाम बातें बताई हैं, जिन्हें मानकर आज भी लोग अपना फायदा कर सकते हैं। धर्मनीती और कूटनीति के प्रकांड ज्ञाता कौटिल्य यानी चाणक्य ने राजनीति के इतर भी आम व्यवहार, मानवीय स्वभाव और समय की अनुकूलता और प्रतिकूलता के संदर्भ में ऐसी बातें कहीं हैं जो काफी हद तक सच जान पड़ती हैं। आचार्य चाणक्य ने सुखी और श्रेष्ठ जीवन के लिए कई नीतियां बताई हैं। जिनका अनुसरण कर आप हर काम में सफलता प्राप्त कर सकते है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में में एक नीति बताई है जिसमें बताय़ा है कि किन लोगों के बीच से कभी नहीं निकलना चाहिए। इससे आपका ही नुकसान हो सकता है। शायद आपकी जान में बात बन आए। जानिए ऐसे कौन से लोग है जिनके बीच से कभी नहीं निकलना चाहिए।

आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं। जो भी व्यक्ति इन नीतियों का पालन करता है, उसे जीवन में सभी सुख-सुविधाएं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

विप्रयोर्विप्रवह्नेश्च दम्पत्यो: स्वामिभृत्ययो:।

अन्तरेण न गन्तव्यं हलस्य वृषभस्य च।।

इस श्लोक के अनुसार चाणक्य ने बताया कि हमें ऐसें 5 लोगों के बात स कभी नहीं नहीं निकलना चाहिए। इसके अनुसार 1. दो ज्ञानी लोग 2. ब्राह्मण और आग 3. पति-पत्नी 4. मालिक और नौकर 5. हल और बैल के बीच से कभी न निकलें।

ज्ञानी लोग

अगर कही पर दो ज्ञानी या ब्राह्मण आपस में बात कर रहे हो तो कभी भी उनके बीच से नहीं निकलना चाहिए। आप जिस समय निकल रहे हो वो पता नहीं किस तरह के ज्ञान की बात कर रहे हो। आपका उनके बीच से निकलना उनकी बातों में बाधा डाल सकते है। जब भी दो ज्ञानी मिलते है तो वह हमेशा किसी  न किसी तरह के ज्ञान की बात करते है। अगर आप उनके बीच से निकलेगे तो आप  उनके बातचीत के क्रम को तोड़ सकते है। जो आपके लिए नुकसानदेय साबित हो सकता है।

ब्राह्मण और अग्नि

अगर कही भी ब्राह्मण आग के सामने बैठा हो तो उनके बीच से कभी नहीं निकलना चाहिए। हो सकता है कि वो ब्राह्मण उस समय हवन करना हो। आपके उसके बीच से निकलने के कारण उसकी पूजा अधूरी रह जाएं। जिसके कारण आपको इसका पाप भी लग सकता है। साथ ही ब्राह्मण के क्रोध का सामना भी करना पड़ सकता है।

मालिक और नौकर

आचार्य चाणक्य ने बताया कि अगर कही पर मालिक और नौकर बात कर रहे हो तो उनके बीच से कभी भी नहीं निकला चाहिए। हो सकता है जब आप उनके बीच से निकल रहे हो तो मालिक अपने नौकर को कोई जरुरी बात बता रहा हो या फिर कोई जरुरी काम बता रहा हो। अगर आप इन लोगों के बीच से निकले तो उनके बीच की बातचीत भंग होगी। जिसके कारण नौकर पूरी बात समझ नही पाएग। और वह कोई काम गलत कर सकते है। इसलिए इन लोगों के बीच से कभी नहीं निकलना चाहिए।

पति-पत्नी

आचार्य के अनुसार कभी भी जगह से न निकले तो जहां पर पति और पत्नी बात कर रहे हो। हो सकता हो जब आप वहां से निकल रहे हो। हो सकता हो वह किसी गंभीर बात में चर्चा कर रहे हो। या फिर कोई निजी बातचीत कर रहे हो। आपके उनके बीच से निकलने से उनका एकांत भंग हो सकता है। साथ ही आपके निकलने से उनके निजी पलों में बाधा आ सकती है।

हल और बैल

आचार्य ने बताया कि कभी भी हल और बैल के बीच से नहीं निकलना चाहि। अगर आपने निकलने का प्रयास किया तो आपको चोट लग सकती है। हो सकता है उनके बीच से निकलना आपकी जान पर बन आए। इसलिए उनके बीच से कभी नहीं निकलना चाहिए।

From around the web