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डिजिटलीकरण के नाम पर 25 गांव के लोगों ने उठाया ऐसा कदम कि दुनिया हैरान रह गयी...

लखनऊ: देश में डिजिटलीकरण बहुत ही तेजी से हो रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के हापुड़ के कई गाँव कुछ ज्यादा ही इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। गाँव की पंचायत ने सबही से आगे निकलते हुए अब शादियों को डिजिटल करने का फैसला लिया है। जिससे शादी के नाम पर दोनों परिवारों पर अनावश्यक खर्चे की बचत कर सकें।

बतादें कि पूरा मामला राजधानी लखनऊ से करीब 500 किलोमीटर से हापुड़ जिले का है। यहाँ जिले के कुछ गाँव की पंचायत ने ऐसा फैसला लिया कि आज हर कोई हापुड़ को सर्च कर रहा है। यहाँ कई गाँवों की बैठी पंचायत ने भारत को सम्पूर्ण डिजिटल बनाने और शादी पर खर्च को सीमित करने के लिए यह फैसला लिया है। जिसके बाद इस बात की चर्चा शुरू हो गयी है क्या इस प्रकार की भी व्यवस्था की जा सकती है? मीडिया में जारी खबरों की माने तो हापुड़ जिले के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव गोहरा आलमगीरपुर में रविवार को 25 गांवों पंचायत बुलाई गयी थी। पंचायत में शादी के दौरान कार्ड देने की प्रथा को खत्म कर डिजिटल कार्ड बुलावा अपनाने का फैसला लिया गया है।

पंचायत में शामिल लोगों ने फैसला लिया है कि अब शादी में कार्ड नहीं नहीं बल्कि व्हाट्सएप्प और फोन से निमंत्रण दिया जाएगा। साथ ही इस निमंत्रण को स्वीकार भी करना पड़ेगा। कहा गया है कि शादी में होने वाले अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिससे पैसा और टाइम दोनों की बर्बादी को रोका जा सके। पंचायत में तय किया गया है कि, अब से शादी का निमंत्रण कार्ड नहीं बल्कि व्हाट्सएप्प और फोन से ही दिया जाएगा।

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इस पंचायत में जिला पंचायत सदस्य सहित कई जिम्मेदार लोग शामिल हुए थे। उनमें एक जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत सिंह हूण ने पंचायत में कहा कि, विवाह शादियों में हो रही धन की बर्बादी को रोकने के लिए एक नई मुहिम चलायी गयी है। जिसमें शादियों में दहेज, महंगे कार्ड बांटना, खाने व सजावट के आदि पर होने वाले खर्च को कम करने और पैसे की बर्बादी को रोका जा सके। साथ ही पंचायत में कई अन्य कुरीतियों पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है, लेकिन सभी में अनोखा फैसला यही है कि अब शादी का कार्ड भी व्हाट्सएप्प के जरिये ही दिया जाएगा।

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