Breaking News
  • दिल्लीः पूर्व भाजपा अध्यक्ष मांगेराम गर्ग का निधन
  • पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित का दिल्ली में अंतिम संस्कार
  • महेंद्र सिंह धोनी ने वापस लिया वेस्टइंडीज़ दौरे से नाम
  • भारतीय एथलीट हिमा दास ने 400 मीटर रेस में मारी बाजी, एक महीने में 5वां गोल्ड मेडल

भतीजे के खिलाफ बुआ का बड़ा एक्शन, भाई को भी नहीं बख्सा!

लखनऊ: लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के इरादे से सलों पुरानी दुश्मनी भूलाकर एक साथ आए सपा- बसपा के मधुर संबंध वैसे तो चुनावी हार के बाद से ही अधर में जाते दिख रहे थे। वहीं रविवार को बीएसपी की बैठक में मायावती ने कुछ ऐसा कहा, जिससे यह साफ होता है कि सियासी मैदान में इनके अनोखे बंधन का अब कोई अस्तित्व नहीं रहा।

हाल ही में हुए आम चुनाव के नतीजों के बाद बसपा और सपा के बीच बढ़ती सियासी तल्खी नये दौर में जाती दिख रही है। बीजेपी को हर हाल में हराने का संकल्प लिए एक साथ आई सपा-बसपा को चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि अखिलेश यादव ने अपनी हार के लिए अब तक खुलकर मायावती को जिम्मेदार नहीं बताया है, लेकिन मायावती अपनी हार का ठिकरा अखिलेश यादव के सिर ही फोड़ रही हैं।

चुनावी परिणाम के बाद कई ऐसे मौके आए जब मायावती ने अपनी हार के लिए सपा को जिम्मेदार बताया। वहीं अब रविवार को हुई बैठक में मायावती ने अपनी हार के लिए न सिर्फ अखिलेश को जिम्मेदार बताया बल्कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को भी जिम्मेदार बताया।

बीते लोकसभा चुनाव में मनमाफिक नतीजे नहीं मिलने से परेशान बसपा प्रमुख मायावती ने सपा पर जोरदार हमला बोलते हुए बड़ा फैसला किया। पिछले काफी दिनों से जारी चर्चाओं के बीच अब बसपा प्रमुख ने ऐलान कर दिया है कि यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी।

साथ ही अखिलेश यादव और मुलायम पर निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा के साथ गठबंधन बड़ी भूल थी। अपनी नाकामियों का ठिकरा भतीजे के सिर फोड़ते हुए बुआ ने कहा कि जो नतीजे सोचे गए थे, वे सपा की कमजोरियों के कारण नहीं आए। साथ ही उन्होंने सपा प्रमुख पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हार के बाद अखिलेश ने मुझे फोन तक नहीं किया।

उन्होंने कहा, अखिलेश यादव गठबंधन के लिए अपरिपक्व हैं। चुनाव के बाद कई दिनों तक मैं इंतजार करती रही, लेकिन वह नई आए। ऐसी सूरत में सपा के साथ गठबंधन बरकरार नहीं रखा जा सकता। माया ने कहा कि सपा की ओर से जो सहयोग चाहिए था, वह नहीं मिला। मैंने अखिलेश यादव को कई बार इसके लिए आगाह भी किया, लेकिन वह समझ नहीं सके और भितरघात होता रहा।

साथ ही मायावती ने मुलायम पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि, मुझे ताज कॉरिडोर केस में फंसाने वालों में न केवल बीजेपी, बल्कि मुलायम सिंह यादव की भी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि मैंने इसे भूलकर मुलायम के लिए वोट मांगे लेकिन अखिलेश ने इसकी कद्र नहीं की। मैंने नतीजों के बाद अखिलेश को फोन किया और परिवार के हारने पर अफसोस जताया, लेकिन अखिलेश ने मुझसे तब भी बात नहीं किया। उन्होंने कहा कि सतीश चंद्र मिश्र ने उनसे कहा था कि वह मुझसे फोन पर बात करें।

आपको बता दें कि रविवार को मायावती ने पार्टी विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक किया। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में करीब आधे घंटे तक सपा-बसपा गठबंधन पर चर्ची हुई। साथ ही बैठक के दौरान मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कई फैसले किए हैं।

loading...