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साल बीतने के बाद भी नहीं मिला न्याय...अब मरना चाहता है पूरा परिवार

उत्तर प्रदेश :15 दिसंबर, 2018 की वो शाम जब होली पब्लिक स्कूल के सामने बबलू यादव नाम के शख्स की हत्या से पूरे उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल फैल गया था । ये मामला है ताजनगरी आगरा का,जहां इस मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली है । और हत्यारे बेखौफ है । इस हत्याकांड का खुलासा न होने पर परिवार ने कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन हाथ लगी तो सिर्फ निराशा ही निराशा । वहीं सोमवार को जिला पुलिस कप्तान के कार्यालय पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब बबलू यादव के  परिजनों ने कार्यालय पर आत्मदाह की कोशिश की ।

केरोसिन से भीगी जिन युवतियां को आप देख रहे हैं । ये कौई और नहीं बल्कि उसी बबलू यादव की मां, पत्नि  और बहन है, जिसे दिन दिहाड़े बेखौफ बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया था । अपने परिवार के सदस्य की मौत का इंसाफ ना मिल पाने से हताश इन लोगों ने कार्यालय पर आत्मदाह की कोशिश की...हालाकि, गनीमत रही कि पुलिसकर्मियों ने समय रहते उन्हें खुदको आग के हवाले करने से रोक लिया , इस पूरे मामले से कार्यालय में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गयी ।

इस पूरे मामले पर परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी हुई है, और मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। साथ ही एसएसपी का भी अपने थानेदारों पर कोई नियंत्रण नहीं है । हालांकि ये कोई पहली ऐसी घटना नहीं है, जिसमें प्रदेश की एनकाउंटर पुलिस की नाकामियां जगजाहिर हुई है । बल्कि इससे पहले उन्नाव रेप कांड में बीजेपी विधायक को बचाने समेत कई अन्य मामलों में भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है ।

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