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मायावती ने कहा 'कानून मंत्रालय' को मत बनाओ पुलिस थाना?

लखनऊ: बहुजन सामज पार्टी की सुप्रीमो मायवती ने केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के  उस बयान पर तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा था कि कानून मंत्रालय कोई पोस्ट ऑफिस नहीं है।

बतादें मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की ओर से जारी के बयान में न्यायपालिका में नियुक्तियों को लेकर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के बयान की निंदा की गयी है। बसपा सुप्रीमो मायामती की ओर से जारी बयान में कानून मंत्री की उस टिप्पणी पर असहजता और नाराजगी जताई गयी है। जिसमें उन्होंने कहा था कि कानून मंत्रालय कोई पोस्ट ऑफिस नहीं है। कानून मंत्री की इस टिप्पणी को लेकर मायावती ने कहा कि यह सरासर न्यायपालिका को अपमानित करने वाला रवैया है।

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मायावती ने कहा कि अगर कानून मंत्रालय 'पोस्ट ऑफिस' नहीं है तो इसे 'पुलिस थाना' भी मत बनाओ। उन्होंने कहा कि के कानून मंत्री खैर न्यापालिका को लेकर ऐसा कैसे बोल सकता है? दरअसल यह मामला कोर्ट में जजों की नियुक्ति ने जुड़ा है। हाल ही में सरकार कोलेजियम की मांग को वापस भेजकर फिर से विचार करने को कहा था, सुप्रीमकोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने जाने के लिए कोलेजियम के जरिये उनके नाम की सिफारिश की थी।

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लेकिन केंद्र ने उनके नाम को पुनः विचार करने के लिए वापस लौटा दिया था। जिसको लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने सामने आ गये थे। आरोप लग था कि केंद्र सरकार न्यायपालिका में सीधा दखल दे रही है जजों की नियुक्ति को प्रभावित कर रही है। इसी बात को लेकर सोमवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि कानून मंत्रालय की भूमिका महज 'पोस्ट ऑफिस' नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून मंत्री होने के नाते उन्हें नियुक्तियों में सुझाव देने का संवैधानिक अधिकार है।

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